अनंतनाग में दो आतंकियों ने कैसे तोड़ा सुरक्षा घेरा?

Amarnathcave-templefolks-1072133अनंतनाग : सोमवार 10 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों पर आतंकियों ने हमला कर दिया| हमले में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है| इस हमले ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं| ये हमला उस स्थिति में हुआ जब यात्रा के लिए सुरक्षाबलों की संख्या पिछले साल से बढ़ाकर लगभग दोगुनी की गई थी| बाइक पर आए दो आतंकियों ने ही इस हमले को अंजाम दिया| हैरत की बात तो यह है कि हमले को अंजाम देने के बाद ये दोनों आतंकी फिर बाईक चलाकर कहीं चले गए और उन्हें किसी सुरक्षा एजेंसी ने नहीं रोका| कहा जा रहा है कि गुजरात से आई तीर्थयात्रियों की बस के यात्रियों ने अमरनाथ गुफा की यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया था| रात्रि 8:20 बजे, जब समय हमला हुआ, सुरक्षा नियमों के अनुसार उस समय वाहनों के परिचालन के लिए वहां पाबंदी लगी हुई थी| इसे सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक की तरह देखा जा रहा है| अमरनाथ यात्रा 29 जून को शुरू हुई थी| यात्रा शुरू होने से पहले ही हमले का खुफिया अलर्ट जारी किया गया था| जिसके बाद अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा और पुख्ता की गई थी|

बता दें कि सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही अमरनाथ यात्रा पर आतंकी खतरे को लेकर आगाह किया था। पिछले साल हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से ही घाटी में हालात खराब हैं। इस साल अमरनाथ यात्रा के दौरान वानी की पहली बरसी भी पड़ी थी। खुफिया रिपोर्ट्स के बाद अमरनाथ यात्रा की जबरदस्त सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 40 हजार जवानों को यात्रा की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।


हरकत में आई सरकार 

अमरनाथ हमले के बाद केंद्र सरकार भी हरकत में आ गई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने हालात का जायजा लिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अमरनाथ हमले पर सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले ही खुफिया एजेंसियों ने अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की आशंका जताई थी। 29 जून को अमरनाथ यात्रा शुरू हुई थी। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल और सीएम से फोन कर घटना की जानकारी ली। गृह मंत्री ने राज्य के डीजीपी से भी बात की है।

अमरनाथ यात्रा पर हमले की पीएम-सोनिया ने की निंदा
पीएम नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। पीएम ट्वीट कर कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले से बेहद पीड़ा हुई है। इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। हर किसी को इसकी निंदा करनी चाहिए।’



ये किए गए सुरक्षा के खास इंतजाम
-केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तीर्थयात्रा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की है|
-केंद्र ने राज्य को पैरामिलिट्री फोर्स की 250 अतिरिक्त कंपनियां दी हैं|
-सीमा सुरक्षा बल ने यात्रा के लिए 2000 जवान तैनात किए हैं|
-सेना ने 5 बटालियन और 54 अतिरिक्त कंपनी सुरक्षाबल दिए हैं|
-पुलिस, सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवान सुरक्षा में तैनात|
-300 किलोमीटर लंबी अमरनाथ यात्रा के लिए लगभग 40 हजार सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं|




यात्रा की निगरानी के भी खास इंतजाम

Bus Amarnath
गुजरात से आई तीर्थयात्रियों की इसी बस पर हमला हुआ


सिर्फ सुरक्षाबल ही नहीं बल्कि तकनीकी तौर पर अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित संपन्न कराने के इंतजाम किए गए थे| यात्रा की निगरानी के लिए सीसीटीवी, जैमर्स, डॉग स्कॉड की तैनाती की गई है| वहीं आतंकियों से निपटने के लिए बुलेट प्रूफ बंकर्स भी बनाए गए हैं| इसके अलावा आसमान से भी आतंकी हमलों पर पैनी नजर रखी जा रही है| सेटेलाइट ट्रैकिंग के जरिए आतंकियों के नापास मंसूबों को नाकामयाब करने की व्यवस्था की गई है|

40 दिन लंबी यात्रा
इस साल अमरनाथ यात्रा 40 दिनों तक चलेगी| यात्रा 29 जून से शुरू हुई थी, जो 7 अगस्त तक चलेगी| हालांकि, पिछली बार ये यात्रा 48 दिनों तक चली थी| वहीं इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 2 लाख 12 हज़ार अमरनाथ यात्रियों ने पंजीकरण कराया था|




लेखन / प्रस्तुति :

हिंद वॉच मीडिया
हिंद वॉच मीडिया
हिंद वॉच मीडिया जमीनी सरोकारों से जुड़ी जनपक्षधरता की पत्रकारिता कर रही है| समूह अपने साप्ताहिक अखबार, न्यूज़ पोर्टल और सोशल मीडिया नेटवर्क के माध्यम से जमीनी और वास्तविक ख़बरों को निष्पक्षता के साथ अपने पाठकों तक पहुंचाती है| भारत और विदेशों में यह वेब पोर्टल पढ़ा जा रहा है|
दोस्तों को बताएं :
loading...

यह भी पढ़े