पानी के अनुपम पुरोधा

winner09-anupam-mishra

 ♦ राजकुमार कुम्भज प्रख्यात गाँधीवादी अनुपम मिश्र सच्चे अर्थों में अनुपम थे। वह पानी मिट्टी पर शोध के अलावा चिपको आन्दोलन में भी सक्रिय रहे वे कर्म और वाणी के अद्वैत योद्धा थे। बड़ी-से-बड़ी सच्चाई को भयरहित, स्वार्थरहित, दोषरहित और पक्षपातरहित बोल देने के लिये प्रतिबद्ध थे। अनुपम मिश्र गाँधी शान्ति प्रतिष्ठान के ट्रस्टी और राष्ट्रीय गाँधी स्मारक निधि के उपाध्यक्ष रहे। वह ऐसे पहले भारतीय थे, जिन्होंने पर्यावरण पर ठीक तब से काम और चिन्तन शुरू कर दिया था जबकि देश में पर्यावरण का कोई भी सरकारी विभाग तक…

Read More

घर का खेत और पत्नी के गहने बिक गए लेकिन कांशीराम पर फिल्म बना कर ही रहे अर्जुन

the-great-leader-kanshiram-2-1

साभार : दलित दस्तक डॉट कॉम 24 साल के अर्जुन ने जब कांशीराम जी पर फिल्म बनाने को लेकर लोगों से मिलना शुरू किया तो कोई इस युवा पर भरोसा करने को तैयार नहीं था| इसकी वजह भी जायज थी| अर्जुन के पास न तो पैसे थे और ना ही वो कोई बड़े फिल्म मेकर थे, जिन पर लोग दांव लगाते| लेकिन अर्जुन को खुद पर भरोसा था| उन्होंने हिम्मत नहीं हारी| मां ने बेटे पर भरोसा कर जमीन बेंच दी, पत्नी ने गहने बेच दिए और अर्जुन ने भी…

Read More

दुनियाँ में दुख-दर्द के जो कारण हैं, उनसे जुड़ कर ही रहना चाहिए : भारत डोगरा

bharat-dogra

भारत डोगरा : संक्षिप्त परिचय प्रमुख अख़बारों एवं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में विकास, पर्यावरण, विस्थापन, मानवाधिकार,जन-सरोकार एवं ज्वलंत सामाजिक मुद्दों पर लम्बे समय से हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओँ में 6000 से ज्यादा आलेख व रिपोर्ट लिखने वाले भारत डोगरा किसी परिचय के मोहताज़ नहीं हैं | उन्होंने 250 से अधिक पुस्तक-पुस्तिकाएं लिखीं हैं जिनमे ‘Another Path Exists – Outlining An Alternative Society’, ‘Food Security in India – Alternative Policies and People’s Initiatives’, ‘The Encyclopedia of Development Environment and Welfare’ (in English and Hindi), ‘Creating A Happier World’, ‘What Our Children…

Read More
loading...