तीन तलाक़ और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों के लिए अलग टीवी चैनल लायेगी मोदी सरकार

ravi-shankar-prasad-net-neutralityकेंद्रीय कानून मंत्रालय पहला ऐसा मंत्रालय बनने जा रहा है जिसका खुद का टीवी चैनल होगा। कानूनी जागरुकता फैलाने और महत्वपूर्ण फैसलों पर डिबेट के अलावा इस चैनल पर तीन तलाक और समान नागरिक संहिता जैसे मुख्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। मानव संसाधन मंत्रालय (HRD) ने खासतौर से स्कूल और यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स के लिए स्वंय प्रभा के नाम से 32- डॉयरेक्ट टू होम चैनल लॉन्च किए गए थे।

कानून मंत्रालय ने एचआरडी मंत्रालय से इन्हीं में एक अलग चैनल की मांग की है। इसके लिए कानून मंत्रालय ने HRD मिनिस्ट्री को चैनल के लिए परिचालन अधिकार लेने के संबंध में पत्र भी लिख दिया है| कानून मंत्रालय प्रकाश झा जैसे बॉलीवुड के दिग्गज डायरेक्टर्स की नियुक्ति पर विचार कर रही है, ताकि कानूनी शिक्षा पर बेहतर प्रोग्राम बनाए जा सकें।

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बता दें कि हाल ही में प्रकाश झा ने सरकार के कहने पर राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) के लिए एक 15 मिनट की शॉर्ट फिल्म बनाई थी जिसका उद्देश्य कानूनी जागरुकता फैलाना था। भारत के चीफ जस्टिस जेएस खहर NALSA के प्रमुख हैं, जो गरीबों को मुफ्त में कानूनी सलाह भी देते हैं।


मंत्रालय ने फ्रीलांस फिल्म मेकर्स और विभिन्न कानून स्कूलों के छात्रों के लिए एक खुली प्रतियोगिता भी शुरू कर दी है। इसमें संबंधित विषय पर 5 से 30 मिनट तक की फिल्म बनाने पर 20 से 50 हजार रुपए तक का ईनाम दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “इसका उद्देश्य कानूनी विषयों पर समृद्ध सामग्री इक्ट्ठा करना है| जिसका सही इस्तेमाल आम आदमी के लिए होगा। शुरुआत में सरकार हर दिन कुछ घंटे के लिए प्रोग्राम दिखाएगी।” जब पर्याप्त मात्रा में कंटेंट इक्ट्ठा हो जाएगा तब यह चैनल 24 घंटे चलाया जाएगा।


यूपीए सरकार के समय में भी इस तरह को एक चैनल लाने की योजना बनाई गई थी, जो पूरी तरह सुप्रीम कोर्ट को समर्पित होता। चूंकि उच्च अदालत की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग करना निषेद है, इस वजह से सरकार को यह योजना टालनी पड़ी थी।

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