Print Friendly, PDF & Email

vadra-kp3c-621x414livemint

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधाते हुए कहा कि “कब तक मोदी सरकार खुद को सही साबित करने के लिए देश के लोगों पर एक्सपेरिमेंट करती रहेगी। अब तो लोग सिर्फ 30 दिसंबर तक ही एक बार ही 5000 तक के नोट जमा कर पाएंगे वह भी स्पष्टीकरण के साथ।” वाड्रा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि “मोदी सरकार के इस फैसले ने वित्तीय संस्थानों को पूछताछ कार्यालयों में तब्दील कर दिया है।”

आपको बता दें कि नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार ने 19 दिसंबर को कहा था कि कोई भी शख्स पुरानी करंसी में 30 दिसंबर तक 5000 तक की राशि जमा कर सकता है, लेकिन इसके साथ उसे यह भी बताना होगा कि उसने अब तक वह नोट जमा क्यों नहीं कराए। वाड्रा ने कहा कि “सरकार की सनक और पसंद के कारण लोगों को हो रही परेशानियां देखकर दुख होता है।”

इससे पहले रॉबर्ट वाड्रा ने नोटबंदी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि “बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी लाइनें लगी हैं और लोग ठंड में अपने ही कमाए पैसे निकालने का इंतजार कर रहे हैं।”  रॉबर्ट वाड्रा ने नोटबंदी के कारण हो रहीं मौतों पर भी मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि “एक लड़की ने सिर्फ इसलिए स्यूसाइड कर लिया क्योंकि वह बैंक से पैसे नहीं निकाल पाई। उसे अपनी कॉलेज की फीस भरनी थी। लाइन में लगे हुए एक शख्स की मौत हो गई, लेकिन कोई उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया। एेसी कितनी ही दिल दहला देने वाली कहानियां हैं।”

वाड्रा ने कहा कि “पहले हमें बताया कि यह कालाधन खत्म करने की पहल है, फिर आतंकवाद। अब कहा जा रहा कि कैशलेश सोसाइटी बनाओ। यह जो भी है, लेकिन लोगों को इससे बहुत परेशानियां हो रही हैं। लोग अपने रोजगार खो रहे हैं|सिर्फ इसलिए कि एक अहंकारी शख्स के काल्पनिक मकसद पूरे हो सकें।”