नोटबंदी में गड़बड़ियों में प्राइवेट बैंक से आगे रहे सरकारी बैंक

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1480602038_notesकेंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि नोटबंदी के दौरान पब्लिक सेक्टर बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी भी गड़बड़ियों में शामिल थे। जिसकी वजह से उनका ट्रांसफर कर दिया गया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि “नोटबंदी के दौरान पब्लिक सेक्टर बैंकों के 156 सीनियर अधिकारियों को सस्पेंड किया गया वहीं 41 को ट्रांसफर कर दिया गया।”

ये लोग देश के विभिन्नपब्लिक सेक्टर बैंकों में काम करते थे। जेटली ने बताया कि “शुरुआती जांच में यह निकलकर आया था कि उन लोगों ने गड़बड़ियां की हैं।” अरुण जेटली ने बैंकों से जुड़ी यह जानकारी लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दी। प्राइवेट बैंक का जिक्र करते हुए जेटली ने कहा कि “उनके 11कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है।”

अरुण जेटली ने आगे बताया कि “26 मामलों में आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई है। वे सभी केस सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) को पुलिस के पास हैं।” गौरतलब है कि सेंट्रल बैंक ने पहले से ही बाकी सभी बैंकों को हिदायत दी हुई है कि अगर उनके स्टाफ का कोई भी सदस्य किसी भी तरह की गड़बड़ियों में शामिल होता है तो उसकी जानकारी दी जाए और उचित कार्रवाही की जाए।

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने 8 नवंबर को नोटबंदी का ऐलान किया था। उसके बाद सभी लोग बैंक में अपने पुराने नोट जमा करवाने के लिए लाइन में लगे हुए थे। इसकी वजह से बैंकों में काफी भीड़ हो गई थी। इस सबके बीच कुछ प्राइवेट बैंकों के कर्मचारी गलत तरीके से पैसा जमा करवाने और निकलवाने के दोषी पाए गए थे।





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