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पीएम मोदी ने आज कानपुर में बीजेपी की परिवर्तन रैली को संबोधित किया और विपक्ष पर   निशाना लगते हुए कहा कि “हमारा एजेंडा है काला धन बंद हो, उनका एजेंडा है संसद बंद हो।  उन्होंने संसद न चलने देने के लिए कांग्रेस और विपक्ष के अन्य नेताओं को जिम्मेदार ठहराया।” पीएम मोदी ने कहा कि “विपक्ष का एकमात्र एजेंडा संसद को ठप रखने का था और हमारा एकमात्र एजेंडा कालाधन वापस लाने का।”

पीएम ने कहा “ये बात मैं भीलीभांति जानता हूं कि इतना बड़ा देश और इतना बड़ा निर्णय, लोगों को क्‍या कुछ सहना पड़ा है, इसका मुझे पूरा अंदाज है। देशवासियों ने जो कुछ भी सहा है, देश के उज्जवल भविष्य के लिए सहा है। लेकिन आपने जो कष्ट झेला है वह अपने स्वार्थ के लिए नहीं झेला, देश की भलाई के लिए झेला है। मैं जरा विरोधियों से कुछ सवाल पूछना चाहता हूं। वो कहते हैं कि लोगों का बैंक में खाता ही नहीं है, फिर कहते हो कि बैंक जाओ तो पैसा नहीं मिलता। अरे एक चीज पर टिको, जनता को गुमराह मत करो। चाय पीकर के मोबाइल से पैसे दिया जा सकते हैं। जब मैं ये बताता हूं तो ये (विपक्ष) कहते हैं कि देश में लोगों के पास कहां मोबाइल फोन है। यही लोग कहते हैं कि राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे तो मोबाइल क्रांति लेकर आए। अब मैं कहता हूं कि मोबाइल को बैंक बना लो तो कहते हैं कि मोबाइल हैं ही कहां? ये लोगों को गुमराह करने का काम करते हैं।”

पीएम बनने के बाद मोदी की कानपुर में यह पहली रैली है। इस रैली के लिए शहर के निरालानगर स्थित रेलवे मैदान में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किये गए थे। पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ ही नोटबंदी जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

पीएम मोदी ने नोटबंदी के मुद्दे पर सभी देशवासियों को धन्यवाद दिया। मोदी ने कहा, “काले धन के खिलाफ लड़ाई में हम सिपाही बनकर देश के उज्जवल भविष्य के लिए काम करें। 8 नवंबर को हमने नोटबंदी का निर्णय किया। आप जानते हैं कि कैसे-कैसे लोगों के पसीने छूट गए। कल मैंने देखा कि कांग्रेस के नेता हमें बदनाम करने के लिए उछल पड़े थे। जब सीताराम केसरी कांग्रेस के कोषाध्यक्ष  हुआ करते थे तो कांग्रेस के लोग बोलते थे- न खाता न बही, जो केसरी कहे वही सही। ये सरकार ईमानदारी की सरकार है, ईमानदारों के कारण ये सरकार है। अब हम टेक्नोलॉजी से ढूंढ रहे हैं कि रुपया कहां से आया। आपने देखा होगेा कि दनादन रुपए पकड़े जा रहे हैं।”