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दिल्ली को अगर रेप कपिटल कहते हैं तो कुछ गलत नहीं कहते क्योंकि यहाँ हर दूसरे दिन रेप से जुदा कोई न कोई मामला सामने आ ही जाता है, अब एक 21 साल की युवती से बंधक बनाकर गैंगरेप का मामला सामने आया है। आरोप चार नाबालिग समेत पांच लोगों पर है। युवती ने इस बाबत पुलिस को जानकारी दी।

पुलिस ने बाबू जगजीवनराम अस्पताल में भर्ती कराया है। बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, युवती परिवार के साथ जहांगीरपुरी इलाके में रहती हैं। युवती के पड़ोस में नाबालिग रहता है। बुधवार को नाबालिग ने युवती को पार्टी करने के लिए एमसीडी फ्लैट में बुलाया। युवती शाम को फ्लैट में पहुंच गईं। इसी दौरान नाबालिग के चार अन्य दोस्त भी फ्लैट पर पहुंच गए।

आरोप है कि युवती को कोल्ड ड्रिंक पिलाई फिर युवती को बंधक बनाकर रात को कई घंटे तक गैंगरेप किया। वह किसी तरह वहां से बाहर आईं। पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल के लिए भेज दिया। केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। गुरुवार को पुलिस ने सभी पांचों को पकड़ लिया।

देश की राजधानी दिल्ली महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं हैं। इससे जुड़े कुछ आंकड़े सामने आए हैं। मिली जानाकारी के मुताबिक, सिर्फ जनवरी में ही रेप के 140 मामले दर्ज करवाए गए हैं। रेप के कुल मामलों में 43 को अबतक नहीं सुलझाया जा सका है। इसके अलावा महीने भर में ही छेड़छाड़ के 238 मामले सामने आए।

वहीं छेड़छाड़ के कुल मामलों में अनसुलझे मामलों की संख्या 133 है। अगर बात 2016 की करें तो तब बलात्कार के कुल 2,155 मामले दर्ज करवाए गए। जिसमें से 291 को अबतक नहीं सुलझाया जा सका है। इसके अलावा पिछले साल छेड़छाड़ के 4,165 मामले दर्ज करवाए गए थे जिसमें से 1,132 मामले अबतक अनसुलझे हैं।

बलात्कार के कुछ ऐसे मामले भी हैं जिनमें पुलिसवालों का नाम आया। 2014, 2015 और 2016 में कुल मिलाकर बलात्कार के कुल 36 मामले ऐसे थे जिसमें दिल्ली पुलिस के किसी अधिकारी का नाम आया। इसमें से 28 दिल्ली में रजिस्टर थे और बाकी आठ दिल्ली से बाहर बाकी राज्यों के थानों में दर्ज थे।

किसी में जांच नहीं हुई है तो किसी का ट्रायल होना बाकी है। ये आंकड़े गृह राज्य मंत्री हंस राज अहीर ने राज्य सभा में प्रश्न काल के दौरान प्रस्तुत किए। जब देश की राजधानी का ये हाल है तो जरा सोचिये देश के बाकी हिस्से का क्या हाल होगा, यह हमारे लिए शर्मनाक है कि हम इस तरह के मामलों पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं?