Print Friendly, PDF & Email

रांची, झारखंड
भाजपा डोरंडा मंडल अनुसूचित जाति के अध्यक्ष तथा कई सामाजिक-धार्मिक संगठनों से जुड़े धीरज राम की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली। धीरज राम की हत्या 18 जुलाई की सुबह गोली मारकर कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में शनिवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें अली खान, मो. आरिफ, मो. सलमान अंसारी उर्फ शाहबाज और मो. चांद अंसारी शामिल हैं। इनलोगों के पास से पुलिस ने दो पिस्टल और 12 पीस जिंदा गोली बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपितों से पुलिस गुप्त स्थान पर पूछताछ कर रही है। हटिया डीएसपी विकास के नेतृत्व में टीम ने कई जगहों पर छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा। हत्या की वजह शाहबाज द्वारा लड़की को छेड़े जाने के बाद धीरज राम से हुई कहासुनी थी।

पुलिस ने जांच के क्रम में प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर मो. अली को गिरफ्तार किया। उसने पूछताछ में इस घटना में संलिप्त होना स्वीकार किया और अपने अन्य साथियों मो. आरिफ और मो. सलमान अंसारी उर्फ शाहबाज के बारे में बताया। इन्होंने पुलिस को बताया कि धीरज राम की शाहबाज से किसी लड़की को छेड़ने की बात पर कहासुनी हुई थी। शाहबाज के कहने पर धीरज राम की हत्या की योजना बनाई गई। इसके लिए आरिफ द्वारा उपलब्ध कराए गए हथियार से शाहबाज और आरिफ ने गोली मारकर धीरज राम की हत्या कर दी। जबकि मो. अली थोड़ी दूर पर खड़े होकर आने-जाने वाले लोगों पर नजर रख रहा था।

हत्या के बाद इन लोगों ने पुलिस की छापेमारी की डर से हथियार को अपने पास ना रख दोस्त मो. चांद अंसारी को दे दिया। पुलिस ने हथियार बरामद कर लिया है। धीरज राम स्कूटी से अपर बाजार स्थित निगम कार्यालय जा रहे थे। घर से महज 20 कदम की दूरी पर उन पर पांच गोलियां चलाई गईं। उन्हें चार गोलियां लगीं और नाली में गिर गए। आसपास के लोग उन्हें डॉ. उमेश पांडेय की क्लिनिक ले गए। वहां से रिम्स रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया था।
पोस्टल कोड 834