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mayawatiयूपी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान आज समाप्त हो गया| इसी के साथ शाम से ही टीवी चैनलों में एग्जिट पोल आने आरंभ हो गए हैं और अधिकतर पोल्स में उत्तर प्रदेश में बीजेपी के सबसे आगे दिखाया जा रहा है| वहीं गौर करने की बात यह है कि यूपी में त्रिशंकु विधानसभा के  आसार दिखाई दे रहे हैं| ऐसे में गठबंधन की राजनीति होना तय है| ऐसा होने की स्थिति में मीडिया ने भी कयास लगाने आरंभ किए तो सीधे गठबंधन से जुड़े प्रश्नों का सामना समाजवादी पार्टी, बीएसपी और भाजपा के नेताओं का करना पड़ रहा है|

ऐसे में बीबीसी से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि “यदि जरूरत होगी तो वह बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए बीएसपी से बातचीत करेंगे|” वहीं, टाइम्स नाऊ चैनल से बातचीत में बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश यादव के प्रस्ताव पर कहा कि “11 तारीख को चुनाव परिणाम आ जाने के बाद वह अखिलेश के प्रस्ताव पर जरूरत पड़ने के बाद गौर करेंगी|” मायावती ने कहा कि “भाजपा को दूर रखने के मुद्दे पर वो 11 मार्च के बाद गौर करेंगी|”

बता दें कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि “अगर चुनाव नतीजा सपा के पक्ष में नहीं आए तो वो बीजेपी को रोकने के लिए बुआ (मायावती) से हाथ मिला सकते हैं|” इससे बीजेपी प्रदेश में राष्ट्रपति शासन नहीं लगा सकेगी| हालांकि उन्होंने दावा किया कि 11 मार्च का चुनावी नतीजा उनके पक्ष में आएगा|