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अमृतसर, पंजाब
मृतसर हुई ट्रेन हादसे के बाद पंजाब सरकार ने शनिवार को राजकीय शोक घोषित किया है। आज सभी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार रात अमृतसर में हुए दुखद रेल हादसे के चलते राहत व पुनर्वास कार्यों की निगरानी के लिए एक आपदा प्रबंधन समूह की स्थापना की। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए के मुवाअजे की घोषणा की है।

घायलों की सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज की भी घोषणा की है। वहीं प्रधानमंत्री ने मृतकों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये मुआवजे की घोषणा की है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी वायुसेना के विमान से अमृतसर पहुंचने वाले हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में मदद कर सकें।

रावण दहन के समय हुआ हादसा:
पंजाब के अमृतसर में एक बड़ा ट्रेन हादसा हुआ है। पठानकोट से अमृतसर आ रही एक ट्रेन की चपेट में आने से यह हादसा हुआ। अब तक दुघर्टना में मरने वालों की संख्या 61 हो गई है। इस हादसे में 80 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती। अमृतसर के सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट राजेश शर्मा ने कहा कि 61 शव बरामद कर लिए गए हैं और करीब 80 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसा उस वक्त हुआ जब लोग अमृतसर के नजदीक चौड़ा बाजार में रेलवे ट्रैक के पास रावण दहन कर रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि वहां नवजोत कौर सिद्धू भी मौजूद थीं लेकिन हादसे के बाद वो वहां से चली गई।

दरअसल, रेलवे ट्रैक के नजदीक दशहरे के मौके पर रावण दहन का कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान हजारों की भीड़ वहां इकट्ठा थी। तभी वहां भगदड़ मच गई और लोगों को ट्रेन की आवाज सुनाई नहीं दी। जिसके कारण कई लोग एकाएक ट्रेन की चपेट में आ गए। फिलहाल मृतकों की संख्या में इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने घटना पर शोक व्यक्त किया है। उसी दौरान जालंधर से अमृतसर जा रही ट्रेन तेज रफ्तार से आई और बड़ी तादाद में लोगों को अपनी चपेट में लेते हुए गुजर गई। ट्रेन को वहां से गुजरने में महज 10 से 15 सेकेंड लगे, ट्रेन के गुजरते ही क्षत-विक्षत शव दूर-दूर तक बिखर गए और घायलों की चीख-पुकार मच गई।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि आग की लपटें तेज होने के बाद लोग रेल पटरी की ओर इस भय से खिसकने लगे कि पुतला उनके ऊपर न आ गिड़े। यह भी जा रहा है कि इसी दौरान वहां भगदड़ मची और उसी दौरान ट्रेन आ गई। इससे पहले की लोग कुछ समझते ट्रेन बुरी तरह लोगों को कुचलते हुए निकल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं। घटनास्थल पर करीब 700 लोग जमा थे।