Thursday, August 22, 2019
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सुशील स्वतंत्र

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पत्रकार, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता सुशील, समानता और लोकतंत्र में गहरी आस्था रखते हैं। अनेक प्रतिष्ठित पत्र–पत्रिकाओं एवं साहित्यिक ई–पोर्टल्स में उनकी कविताएँ, आलेख और लघुकथाएँ प्रकाशित हो चुकी है। ग्रास-रूट जर्नलिज्म (ज़मीनी पत्रकारिता) उनके काम की विशेषता है। लेखन के साथ–साथ सामाजिक–सांस्कृतिक क्षेत्र में भी वे बेहद सक्रिय हैं। उन्होंने लम्बे समय तक एच.आई.वी./एड्स जागरूकता और बचाव के लिए उच्य जोखिम समूह के साथ काम किया है। वे असंगठित कामगारों के अधिकारों के लिए भी संघर्षशील हैं। सुशील हिंद वॉच मीडिया समूह के संपादक हैं।
झारखंड में खनिज संपदा से जुड़े कार्यों में कोयला खनन और विपणन एक प्रमुख कारोबार है। यहाँ विभिन्न कोलयरियों में एक लाख से भी अधिक कोयलाकर्मी खनन और प्रबंधन के काम में कार्यरत हैं। राज्य के सात लोकसभा क्षेत्र...
नई दिल्ली : पत्रकारिता की दुनिया से राजनीती में आने वाले पीएम मोदी के टीम के अहम केन्द्रीय मंत्री लगातार यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरते जा रहे हैं। अब तक सोलह महिलाओं ने मोदी सरकार के राज्य विदेश मंत्री...
राफेल विमान सौदा केंद्र सरकार और खासकर प्रधानमंत्री की निजी छवि के लिए घातक सिद्ध होता जा रहा है। इसमें कोई शक नहीं है कि प्रधानमंत्री की साख को जितना विरोधियों के हमले ने नुक्सान पहुंचाया है उससे कहीं...
आज दो महत्वपूर्ण आरटीआई का जिक्र करना इसलिए जरुरी है क्यूंकि देश 72वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने जा रहा है। यह कोई मामूली बात नहीं है कि हमारे देश को आज़ाद हुए सात दशक से भी ज्यादा समय...
मालिक की पूंजी का पेट मुनाफे से ही भरता है, इसलिए अखबार को हल हाल में छपना होता है। चाहे आतंकवादियों की गोली हो या न्यूजरूम का तनाव, पत्रकार की मौत के अगले दिन अखबार एक कॉलम प्रकाशित कर...
जिस मदर टेरेसा के नाम पर भारत ही नहीं पूरी दुनिया को अपार भरोसा है, उनकी संस्था में अगर बच्चों की कीमत पचास हजार से एक लाख बीस हजार रुपये तक तय कर दी जाती है, तो इसे सिर्फ...
आतंकवादी इस मंसूबे के साथ किसी आज़ाद आवाज़ को खामोश करने के लिए गोलियां चलाते हैं कि उनके गोलियों की दहशत से सच बोलने वाले डर जाएंगें लेकिन निडर पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या की अगली सुबह फिर उसी...
प्रधानमंत्री जी अपने सपनों के जिस भारत के निर्माण की दिशा में अग्रसर हैं, उसे उन्होंने ‘न्यू इंडिया’ का नाम दिया है, यानी एक नया भारत। झारखण्ड से आ रही भूख के कारण हुए कथित मौतों की ख़बर और...
संत समाज में महामंडलेश्वर की पदवी चाहे जितने भी प्रतिष्ठित क्यों न हो लेकिन गहरे विवादों के कारण इसकी गरिमा और विश्वसनीयता दिन-ब-दिन धूमिल हो रही है।  हाल ही में हैदराबाद में एक मंदिर के पुजारी ने एक दलित युवक...
इसे दलितों को खुश करने के का नया हथकंडा कहें या धार्मिक एजेंडे का बदला स्वरूप, लेकिन ख़बर पक्की है कि  पहली बार किसी दलित को महामंडलेश्वर की उपाधि दी जा रही है। हाल ही में हैदराबाद में एक...