मृत बच्ची के परिजन(तस्वीर : हिंद वॉच)
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ग्रासरूट रिपोर्टर देवदर्शन बड़ाईक की रिपोर्ट
सिमडेगा, झारखंड
जिले में निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान स्कूली बच्ची की मौत ने स्वास्थ्य विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है। शहर के कॉलेज रोड स्थित जनता क्लिनिक संचालक मो. आरिफ की लापरवाही के कारण भवानी कॉलोनी निवासी 14 वर्षीय बालिका सुनिता कुमारी की मौत हो गई।

परिजनों ने बताया कि बच्ची की अचानक तबियत खराब होने से वे उसे जनता क्लिनिक ले गए, जहां क्लिनिक संचालक व झोलाछाप डॉक्टर ने बिना जांच किए मलेरिया, टायफाइड और फेफड़ें में पानी भरने सहित कई बीमारियां होने की बात कही। मृतक बच्ची के परिजनों ने बताया कि क्लिनिक पर चिकित्सक के नहीं होने के बावजूद आरिफ ने बच्ची को स्वयं ही इंजेक्शन दिया, जिसके तुरंत बाद लड़की की मौत हो गई।

मौके की नजाकत को देखते हुए संचालक ने इंजेक्शन के असर से बेहोश बताकर बच्ची सहित परिजनों को ऑटों में बैठाकर सदर अस्पताल भेज दिया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की वजह से हर वर्ष कई लोगों की जान चली जाती है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस पर अंकुश लगाने की दिशा में आज तक कोई सार्थक पहल नहीं किया जा सका है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को इन झोलाछाप डॉक्टरों की मदद से इलाज कराना मजबूरी है।
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