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पटना: बिहार के सृजन घोटाले में अब तक 700 करोड़ रुपये के हेरफेर की जानकारी प्राप्त हो रही है और  अब इस मामले में केस दर्ज हुआ है| हालांकि भागलपुर जिला अधिकारी आदेश तितरमारे का दावा है कि सृजन ने या बैंकों ने जमा राशि के करीब 50 प्रतिशत राशि यानि 300 करोड़ से अधिक भुगतान भी किया हैं|  हालांकि पुलिस का कहना है कि ये राशि 900 करोड़ तक जा सकती है| इस बीच इस मामले की जांच कर रही भागलपुर पुलिस और एसआईटी द्वारा मांगी गई जानकारी के जवाब में GTM मॉल के डायरेक्टर ने स्वीकार किया कि मनोरमा देवी जो इस घोटाले की  मास्टरमाइंड रही हैं, इनके बेटे अमित कुमार ने एक दुकान की बुकिंग कराई थी और बीजेपी नेता और राज्य किसान मोर्चे के उपाध्यक्ष विपिन शर्मा ने 4 दुकानों की बुकिंग कराई थी जिसके बदले अब तक 13 लाख से अधिक का भुगतान भी उन्हें मिला था|  विपिन की तलाश भागलपुर पुलिस  कर रही है  और इस मामले के उजागर होने के बाद से वह फरार चल रहे है| ये मॉल बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की जमीं पर बन रहा है|

हालांकि निशिकांत दुबे ने कहा है कि मॉल में कौन दुकान खरीद रहा है, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है| उनके साथ डेवलपर के समझौते के अनुसार इस  मॉल में बनने वाले होटल, मल्टीप्लेक्स और पार्किंग पर उनकी हिस्सेदारी होगी लेकिन अभी तक वो इंतजार में बैठे हैं कि निर्माण कार्य पूरा हो|  दुबे ने इस बात पर आपत्ति जाहिर की कि आखिर उनका नाम क्यों घसीटा जा रहा है| पुलिस का कहना है कि जहां विपिन बीजेपी से जुड़े रहे हैं वहीं दुबे की जमीं पर निर्माणाधीन माल पर एक नहीं दो घोटालेबाजो का निवेश इस बात का सबूत है कि घोटाले का पैसे से अकूत सम्पत्ति अर्जित की गई है|  विपिन शर्मा की कहानी जहां कुछ वर्ष पूर्व तक उनके पास कुछ भी नहीं था वो रातों रात एक नहीं कई दुकान और बिज़नेस के मालिक बन गए|

सूत्रों बताते हैं कि सृजन का पूरा घोटाला विपिन द्वारा पैसा न लौटाने की जिद के कारण हुआ|  मनोरमा देवी ने अपने जीवन में कई लोगों को पैसा दिया और बैंको में भुगतान की हालत में वो पैसे उन लोगों से लेकर वापस जमा करती थी|  लेकिन विपिन ने उनकी मौत के बाद पैसा देने से इनकार कर दिया, जिससे उनके और मनोरमा देवी के बेटे अमित में काफी तनाव हो गया|  और जब अमित ने पैसा जमा करने में अपनी लाचारी दिखाई तब बैंको के पास जारी चेक को बाउंस करने के अलावा कोई चारा नहीं रहा|

अभी तक जांच के घेरे में जहां राजनेतओं में विपिन शर्मा की सीधा भूमिका सामने आई है वहीं नजीर महेश मंडल जिनका आलीशान मकान जांच एजेंसियो ने पकड़ा था उनका भी सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड से सीधा सम्बन्ध रहा है| उनका एक बेटा शिव मंडल न केवल जिला परिषद का सदस्य है और भागलपुर युवा जनता दल यूनाइटेड का अध्यक्ष भी था| हालांकि घोटाले में महेश का नाम आने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है|

सुशील मोदी पर इस आधार पर चलना चाहिए मुकदमा : लालू यादव

Lalu-Prasadपटना: राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने भागलपुर जिला में संचालित गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) सृजन महिला सहयोग समिति द्वारा सरकार का करोड़ों रुपये का घपला किए जाने की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की है| पटना के दस सकुर्लर रोड पर अपनी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबडी देवी के आवास पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए लालू ने दावा किया कि पिछले गुरुवार को प्रकाश में आए इस घोटाले की राशि अब बढ़कर 1000 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है और इस राशि को प्रदेश के बाहर ले जाए जाने के अलावा रियल एस्टेट के कारोबार में लगाया गया है| इसमें मनी लॉन्ड्रिंग होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता| उन्होंने कहा कि इस गबन में बैंक की मिलीभगत है, इसकी जांच के लिए राज्य की जांच एजेंसी सक्षम नहीं है| इसलिए, इसकी जांच सीबीआई एवं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) करे |
लालू ने कहा कि वह नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से आग्रह करेंगे कि वह इस मामले का विशेष ऑडिट कराए | उन्होंने इस मामले में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को बर्खास्त किए जाने की मांग की|

लालू ने पूर्व में भी वित्त मंत्री रहे सुशील के कार्यकाल के दौरान इस गबन की शुरुआत होने का आरोप लगाते हुए पूछा कि वह इतने दिनों तक क्या कर रहे थे| पशुपालन घोटाला में मुझ पर अगर इस आधार पर मुकदमा चला कि उन दिनों मैं वित्त विभाग का प्रभारी मंत्री था और मैं राजकोष से निकासी को रोक पाने में कथित रूप से असफल रहा तो ऐसी स्थिति में सुशील पर भी इस विफलता के लिए मुकदमा चलना चाहिए|

उन्होंने इस गबन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को समान रूप से दोषी ठहराते हुए एक तस्वीर दिखायी, जिसमें एक मंच पर नीतीश, सुशील एवं भाजपा सांसद गिरिराज सिंह संस्था की संस्थापक मनोरमा देवी को सम्मानित कर रहे हैं|