(फाइल फ़ोटो)
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रांची : झाविमो के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा द्वारा भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक पर बाबूलाल मरांडी को दिए गए खुली बहस के संदर्भ में कहा कि झारखंड विकास मोर्चा इस चुनौती को सहर्ष स्वीकार करती है। बाबूलाल मरांडी पीठ दिखाने वालों में से नहीं हैं, प्रदेश अध्यक्ष बहस की जगह व समय तय कर लें, झाविमो अध्यक्ष सदैव बहस को तैयार हैं।

आगे कहा कि दरअसल खुली बहस की चुनौती देकर मैदान छोड़ना भाजपा की पुरानी फितरत रही है। इसके पूर्व राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास भी विकास के मसले पर मोराबादी मैदान में खुली बहस करने की चुनौती दे चुके हैं, परंतु वे आज तक बहस करा ही रहे हैं। मुख्यमंत्री की खुली बहस का हश्र तो राज्य की जनता ने देख लिया अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष क्या करते हैं, इसे भी देख लिया जाय।

प्रदेश अध्यक्ष से एक आग्रह भी होगा कि वे मुख्यमंत्री को भी उनके द्वारा पूर्व में दिए गए बहस की चुनौती को याद दिलाते हुए उन्हें भी इस बहस में जरूर लाए। कहा कि जनमुद्दों पर बहस करना भाजपा के बूते की बात नहीं, क्योंकि उनका हर फैसला जनविरोधी है।

भाजपा जनमुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने में लगी हुई है। इसका ज्यवंत उदाहरण केवल रांची में एक सप्ताह में छठी बार बवाल की घटी घटना और बिना अनुमति मेन रोड में निकाली गयी जुलूस है। प्रदेश अध्यक्ष जी आपसे आग्रह होगा कि आप जब चाहें बहस करा लीजिएगा परंतु सर्वप्रथम प्रदेश की कानून एवं व्यवस्था व्यवस्था दुरूस्त कीजिए, जनता के दिलों में सरकार व पुलिस-प्रशासन के प्रति इकबाल पैदा करवाईए और राज्य को अशांति की आग में झुलसने से बचाइए।