HYDERABAD, TELANGANA, 16-12-2016: The few sellers announcing that their accepting credit cards and debit cards on the purchase but the many vendors dose not have point of sale swiping machines at the 30th Hyderabad Book Fair exhibition at the NTR stadium in Hyderabad. Photo: K.V.S. Giri
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आयोजको द्वारा पुस्तक मेले के कैशलेस होने के दावों की हवा खराब नेटवर्क ने निकाल दी है| बहुत सारे स्टॉल ऐसे हैं जहाँ कार्ड अथवा अन्य कैशलेस माध्यमों से भुगतान की कोई वयवस्था नहीं है| जहाँ कार्ड स्वैपिंग मशीनें है, वहां नेटवर्क नहीं होने की वजह से भुगतान में दिक्कतें आ रही है| आयोजक मेले के पूरी तरह कैशलेस  होने के दावे तो कर रहे है  लेकिन मेले में आये लोगों को नकद रहित लेन देन करने में होने वाली दिक्कतों से आयोजकों के दावों की हवा निकल गई है| नोटबंदी के दो माह बाद आयोजित हो रहे दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में उम्मीद थी कि मेले को नकदी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और प्रकाशक नकदी रहित लेन-देन के जरिए अपनी किताबें बेच सकेंगें| 2,000 रूपये के छुट्टे नहीं मिल पाने से किताबों की बिक्री का खेल बिगड़ गया है।

दिल्ली प्रशासन में कार्यरत शिक्षक संदीप तोमर ने बताया कि वे विश्व पुस्तक मेले से दिशा प्रकाशन, अयन, वनिका, अनिल प्रकाशन, गार्गी प्रकाशन, शिल्पी प्रकाशन, गायत्री प्रकाशन, एकलव्य प्रकाशन एवं रमणिका फाउंडेशन से पुस्तकों की खरीददारी की लेकिन कहीं भी वे नकद रहित भुगतान करने में सफल नहीं हो पाए| वहीँ दूसरी ओर पुस्तक विक्रेताओं का कहना है कि लोग 100-200 रूपये की पुस्तक के लिए दो हज़ार का नोट दे रहें हैं और फुटकर नहीं होने की वजह से बहुत असुविधा हो रही है| विक्रेताओं के पास कैशलेस माध्यमों से भुगतान की व्यवस्था होने के बावजूद नेटवर्क नहीं होने के कारण वे लेन-देन नहीं कर पा रहे हैं| पुस्तक मेले में विक्रेताओं के पास सौ रुपये के ज्यादा नोट नहीं हैं| जबकि 2000 रुपये के नए नोट काफी मात्रा में जमा हो गए हैं| जबकि ग्राहक 40 रुपये तक की खरीद के लिए नकदी रहित लेन-देन करना चाहते हैं। इस प्रकार की समस्याओं के कारण पुस्तक मेले में खरीदार और विक्रेता दोनों बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

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