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सासनी। भगवान परशुराम जयंती शोभायात्रा को लेकर एसएचओ तथा एसडीएम द्वारा बिना जांच के धारा 144 का उलंघन करने का अरोप लगाते हुए 201 ब्राह्मणों के खिलाफ धारा 188 की कार्रवाई किए जाने को लेकर विप्र बंधुओं में अच्छा खासा रोष व्याप्त हैं।

इसे लेकर ब्राह्मणों ने सासनी-नानऊ मार्ग स्थित गंदे नाले के निकट विद्यापीठ इंटर कालेज परिसर में एक बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की।

बैठक का शुभारंभ भगवान परशुराम के छबिचित्र के सामने दीप जलाकर तथा माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान ब्राह्मणों ने कहा कि ब्राह्मण यदि दयालु हैं तो उसका क्रोध भी धरती को हिलाने वाला है।

इतिहास साक्षी हैं कि भगवान परशुराम ने धरती को 21 बार क्षत्रीविहीन कर दिया था। सासनी में उनकी शोभायात्रा निकाले जाते वक्त सात थानों की पुलिस तथा एक प्लाटून पीएसी को बुलाना प्रशासन की गंदी सोच थी। वहीं एसडीएम द्वारा शोभायात्रा निकालने की अनुमति भी नहीं दी।

यह द्वेषभावना को जन्म देने वाली बात है। ब्राह्मणों के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट प्रशासन को हर हाल में वापस लेनी होगी ओर विप्रों पर हुए इस अत्याचार की मांफी मांगनी होगी।

वहीं पं. प्रकाश चंद्र शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम कोई ऐसे वैसे ही नहीं थे। हम उनके वंशज हैं और ब्राह्मण पर हुआ अत्याचार भगवान परशुराम का अपमान है। इस अपमान को सहन नहीं किया जाएगा। प्रशासन यदि अपनी हठधर्मी पर डटा रहा तो विप्रबंधु आंदोलन को बाध्य होंगें। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी।

वहीं वक्ताओं ने मुकदमा वापस लेते हुए एसडीएम और कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।वही अविनाश तिवारी, कांता पचैरी, जनार्दनदेव पाठक, आदि ने भी अपने विचार प्रकट करते हुए पुलिस एवं प्रशासन की हठधर्मिता के खिलाफ आंदोनल की रणनीति बनाई। बैठक के बाद सभी ब्राह्मणों ने एसडीएम से मुलाकात कर दर्ज मुकदमे को वापस लेने की अपील की।

इस दौरान विजय कुमार शर्मा, प्रभुदयाल शर्मा, जयंती प्रसाद शर्मा, शंकर लाल शर्मा, भारत पाठक, दिनेश लवानियां, टिंकू बटका, ध्रुवकांत शर्मा, अंशुल शर्मा, ब्रजमोहन शर्मा, विशाल दीक्षित, दीपक शर्मा, प्रशांत दीक्षित, रामनिवास रावत, केके दीक्षित, राजकुमार शर्मा, रूपेश उपाध्याय, अर्चित गौतम, विजय गौड, ब्रजेश शर्मा, रवि गुरू, सुनील पंडित, आदि मौजूद थे।