Thursday, August 22, 2019
Home आलेख / विचार

आलेख / विचार

    डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : हिंद वॉच मीडिया पोर्टल के इस हिस्से में आप जिन आलेखों और रचनाओं को पढ़ते हैं, उनमें व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इन आलेखों और रचनाओं में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति हिंद वॉच मीडिया को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है। इन आलेखों और रचनाओं में सभी सूचनाएं बगैर संपादन किए ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं। कोई भी सूचना, तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार हिंद वॉच मीडिया के नहीं हैं, तथा हिंद वॉच मीडिया उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है।

    एक और मासूम डाक्टरों की लापरवाही से मौत का शिकार हुआ

    हाथरस के थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गाँव दादनपुर निवासी शशि कुमार की एक वर्ष की बेटी सुबह घर के आँगन में खेल रही...

    क्या मुस्लिम मतदाताओं के हाथ में है उत्तर प्रदेश का सियासी...

    प्रदेश की सत्ता पर काबिज़ सपा ने कांग्रेस से हाथ मिला कर मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण को रोकने की जोरदार कोशिश की है| भाजपा...

    बच्चियों के दर्द पर चुप क्यूँ है समाज ?

    पिता राधामोहन ने सन 1982 में 'प्रातःकमल' के नाम से एक अखबार प्रारंभ किया था। बाद में ब्रजेश ने अपने पिता की विरासत को...

    चुप रहकर क्यूँ सहना, मैंने तो मनचले की खाल नोंच ली...

    लड़कियों प्रतिरोध करो, जायरा को चीखना चाहिए था। सिर आसमान पर उठा लेना चाहिए था। कोई आपको मोलेस्ट कर रहा है, तब आप चुप...

    कुछ सुलझी, कुछ अनसुलझी रह जाती है रिश्तों की कहानी

    प्राय: कोई भी नया संबंध जुड़ने की आरम्भिक अवस्था बहुत रोचक व आकर्षक होता है। धीरे-धीरे यह रोचकता अपने चरम पर पहुँचने के बाद...

    क्रांति के लिए राजनैतिक चेतना और राजनैतिक चेतना के लिए पार्टी...

    » जनता में क्रांति की भरपूर संभावनायें है फिर भी क्रांति नहीं हो रही है क्योंकि जनता में राजनैतिक चेतना का अभाव है। अन्याय और...

    पोर्न स्टार के चक्कर से कब बाहर निकलेंगे डोनाल्ड ट्रंप

    जब से डोनाल्ड ने अमेरिका की कमान संभाली है तब से उनका नाम विकास की बातों के बजाये सेक्स स्कैंडल, नस्लभेदी टिप्पणी, पैसों और...

    प्रधानमंत्री जी, न आप गांधी हैं और न अडानी-अंबानी, जमनालाल बजाज...

    प्रिय प्रधानमंत्री जी, न आप गांधी है और न अडानी-अंबानी, जमनालाल बजाज है... “उद्योगपतियों के साथ खडे होने पर आप भले न डरे, लेकिन सोचिए जरूर,...

    81 फीसदी महिला शिक्षकों का होता है यौन शोषण, सर्वे का...

    स्कूल में सिर्फ बच्चों का ही यौन शोषण नहीं होता बल्कि शिक्षिकाओं को भी इस से गुजरना पड़ता है, यह हम नहीं कहते एक...

    पर्यावरण के सवाल पर एक पत्रकार का मंत्री के नाम खुला...

    माननीय श्री हर्षवर्धन जी, मैं यह पत्र आपको अपने प्रिय शहर दिल्ली की चिंता करने वाला एक दिल्लीवासी समझकर कर लिख रहा हूं। इसके अलावा...