Saturday, January 19, 2019

बेख़बरी का फ़ायदा (लघुकथा)- सआदत हसन मंटो

लबलबी दबी – पिस्तौल से झुँझलाकर गोली बाहर निकली. खिड़की में से बाहर झाँकनेवाला आदमी उसी जगह दोहरा हो गया. लबलबी थोड़ी देर बाद फ़िर...

जीनियस- (कहानी) – मोहन राकेश

जीनियस कॉफ़ी की प्याली आगे रखे मेरे सामने बैठा था। मैं उस आदमी को ध्यान से देख रहा था। मेरे साथी ने बताया था कि...

गैर-मुल्की लड़की (कहानी)- अल्ताफ़ फ़ातिमा

वह गैर-मुल्की लड़की, जो खीरी जिला लखीमपुर से आयी या यों कहिए कि विवाह के लिए लायी गयी थी, महीनों से यहां पड़ी थी...

हिन्दुस्तान छोड़ दो (कहानी) – इस्मत चुग़तई

'साहब मर गया जयंतराम ने बाजार से लाए हुए सौदे के साथ यह खबर लाकर दी। 'साहब- कौन साहब? 'वह कांटरिया साहब था न? 'वह काना साहब-...

कहानी: कितने पाकिस्तान- कमलेश्वर -भाग 1

कितना लम्बा सफर है! और यह भी समझ नहीं आता कि यह पाकिस्तान बार-बार आड़े क्यों आता रहा है। सलीमा! मैंने कुछ बिगाड़ा तो...

देश-द्रोह (कहानी)- पांडेय बेचन शर्मा उग्र

17 नवंबर, सन 1845 ई. की बात है। मारे सर्दी के निशा-सुंदरी काँप रही थी, और काँप रहा था उसी के साथ संपूर्ण पंजाब-प्रदेश।...

कहानी – एक पाठक – मक्सिम गोर्की

रात काफी हो गयी थी जब मैं उस घर से विदा हुआ जहाँ मित्रों की एक गोष्ठी में अपनी प्रकाशित कहानियों में से एक...

आर्ट का पुल (कहानी) -फ़हीम आज़मी

पहले तो सारा इलाका एक ही था और उसका नाम भी एक ही था। इलाका बहुत उपजाऊ था। बहुत से बाग, खेत, जंगली पौधे,...

किताब… यानी उफनते खयालों का समंदर

दुकान किताब की / महज इक दुकान नहीं, जमा है इसमें समंदर / उफनते खयालों का… युवा शायर सतेन्द्र ‘मनम’ का यह शे’र वाणी प्रकाशन...

द रॉयल घोस्ट (कहानी)- तरुण भटनागर

'...चल-चल आज तो दिखा ही दे, क्या है उस ट्रंक में। मान जा यार।' पिता बिट्टो बुआ से निवेदन कर रहे थे। बिट्टो बुआ को...