Tuesday, May 21, 2019

जीनियस- (कहानी) – मोहन राकेश

जीनियस कॉफ़ी की प्याली आगे रखे मेरे सामने बैठा था। मैं उस आदमी को ध्यान से देख रहा था। मेरे साथी ने बताया था कि...

कहानी: कितने पाकिस्तान- कमलेश्वर -भाग 1

कितना लम्बा सफर है! और यह भी समझ नहीं आता कि यह पाकिस्तान बार-बार आड़े क्यों आता रहा है। सलीमा! मैंने कुछ बिगाड़ा तो...

मर्द और औरत (नाटक)- रशीद जहाँ

औरत - अरे फिर आ गये! मर्द - जी हाँ औरत - अभी कल ही तो आप शादी करने गये थे! मर्द - गया तो था! औरत -...

कोलकाता लघु पुस्तक मेला में कविता उत्सव का आयोजन किया गया

कोलकाता, रविन्द्र अकोकुरा भवन परिसर में आयोजित लिटिल मैगजीन मेले में मरुतृण साहित्य पत्रिका, सदीनामा साहित्य पत्रिका, साहित्य त्रिवेणी साहित्य पत्रिका एवं विनिर्माण (बंगला)...

चिकित्सा का चक्कर (व्यंग्य)- बेढब बनारसी

मैं बिलकुल हट्टा-कट्टा हूँ। देखने में मुझे कोई भला आदमी रोगी नहीं कह सकता। पर मेरी कहानी किसी भारतीय विधवा से कम करुण नहीं...

तुम्हारे साथ रहकर (कविता) : सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

तुम्हारे साथ रहकर अक्सर मुझे ऐसा महसूस हुआ है कि दिशाएँ पास आ गयी हैं, हर रास्ता छोटा हो गया है, दुनिया सिमटकर एक आँगन-सी बन गयी है जो खचाखच...

दीपक चौरसिया की ‘कूड़ा धन’ पढ़ने के लिए तैयार हैं आप?

टेलीविजन सनसनी एवं मीडिया के क्षेत्र में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करने के लिए पहचाने जाने वाले दीपक चौरसिया अपनी पहली किताब...

हम लड़ेंगे साथी : पाश

हम लड़ेंगे साथी, उदास मौसम के लिए हम लड़ेंगे साथी, ग़ुलाम इच्छाओं के लिए हम चुनेंगे साथी, ज़िन्दगी के टुकड़े हथौड़ा अब भी चलता है, उदास निहाई...

दर्ज लम्हे : खुदकुशी के (नाटक)- दिनकर बेडेकर

व्यक्ति रेखा : जनक, राजा, मोहिनी ( किसी नाटक की रिहर्सल का कमरा। थोड़ा फर्नीचर जमा कर रखा है। एक दरवाजा। प्रकाश योजना केवल आवश्यक...

आदिवासी औरत रोती है (कविता)- महेश वर्मा

आदिवासी औरत रोती है गुफाकालीन लय में। इसमें जंगल की आवाज़ें हैं और पहाड़ी झरने के गिरने की आवाज़, इसमें शिकार पर निकलने से पहले जानवर...