Monday, April 22, 2019

घास की पुस्तक (कविता)- अर्सेनी तर्कोव्‍स्‍की

अरे नहीं, मैं नगर नहीं हूँ नदी किनारे कोई क्रेमलिन लिये मैं तो नगर का राजचिह्न हूँ।   राजचिह्न भी नहीं मैं उसके ऊपर अंकित तारा मात्र हूँ, रात...

कहानी: कितने पाकिस्तान- कमलेश्वर -भाग 1

कितना लम्बा सफर है! और यह भी समझ नहीं आता कि यह पाकिस्तान बार-बार आड़े क्यों आता रहा है। सलीमा! मैंने कुछ बिगाड़ा तो...

एक औरत का चेहरा (कविता)- अडोनिस

मैं एक औरत के चेहरे में रहता हूँ जो एक लहर में रहता है जिसे उछाल दिया है ज्वार ने उस किनारे पर खो दिया है जिसने...

अजनबी देश है यह (कविता) -सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

अजनबी देश है यह, जी यहाँ घबराता है कोई आता है यहाँ पर न कोई जाता है जागिए तो यहाँ मिलती नहीं आहट कोई, नींद में जैसे...

द रॉयल घोस्ट (कहानी)- तरुण भटनागर

'...चल-चल आज तो दिखा ही दे, क्या है उस ट्रंक में। मान जा यार।' पिता बिट्टो बुआ से निवेदन कर रहे थे। बिट्टो बुआ को...

दीपक चौरसिया की ‘कूड़ा धन’ पढ़ने के लिए तैयार हैं आप?

टेलीविजन सनसनी एवं मीडिया के क्षेत्र में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करने के लिए पहचाने जाने वाले दीपक चौरसिया अपनी पहली किताब...

चिड़ियाघर के तोते (कविता)- बुद्धिनाथ मिश्र

चिड़ियाघर के तोते को है क्या अधिकार नहीं पंख लगे हैं फिर भी उड़ने को तैयार नहीं। धरती और गगन का मिलना एक भुलावा है खर-पतवारों का सारे क्षितिजों पर दावा...

कोलकाता लघु पुस्तक मेला में कविता उत्सव का आयोजन किया गया

कोलकाता, रविन्द्र अकोकुरा भवन परिसर में आयोजित लिटिल मैगजीन मेले में मरुतृण साहित्य पत्रिका, सदीनामा साहित्य पत्रिका, साहित्य त्रिवेणी साहित्य पत्रिका एवं विनिर्माण (बंगला)...

आतंकवाद की किस्में (व्यंग्य)- राजकिशोर

जम्मू और कश्मीर के वर्तमान मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला एक आलीशान सोफे पर बैठे हुए थे। उनके सामने एक...

मीडिया विमर्श (कविता)- मंगलेश डबराल

उन दिनों जब देश में एक नई तरह का बँटवारा हो रहा था काला और काला और सफेद और सफेद हो रहा था एक तरफ लोग...