Saturday, February 23, 2019

मिठाई चाटने वाली या बांटने वाली (व्यंग्य)

हर तीज त्योहार को अपने घर मिठाई ले जाना भूल जाऊं तो भूल जाऊं, पर जिन अफसरों से मेरा साल भर काम करवाने के...

प्लीज, जल्दी सजेस्ट कीजिए (व्यंग्य)

उन्होंने अबके दशहरे में जलाने को रावण का आधा पौना पुतला तैयार किया और मेरे घर मेरी कस्टडी में इसलिए छोड़ गए कि मैं...

एक कुत्ते की डायरी (व्यंग्य)- प्रभाकर माचवे

शनिचैव श्वापाके च पंडित: समदर्शिन:। (गीता) मेरा नाम 'टाइगर' है, गो शक्ल-सूरत और रंग-रूप में मेरा किसी भी शेर या 'सिंह' से कोई साम्य नहीं।...

अमेरिका मुझे क्यों पसंद नहीं है (व्यंग्य)- हरि जोशी

मुझे अमेरिका क्यों पसंद नहीं। सबसे बड़ा कारण तो यह है कि वहां थूकने की स्वाधीनता बिलकुल नहीं है। मुझे आश्चर्य है, वह कैसा...

लूट इंडिया लूट (व्यंग्य)- शशिकांत सिंह ‘शशि’

दोस्तों! 'लूट इंडिया लूट', रियलिटी शो के इतिहास में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। आज तक हम टीवी पर केवल मनोरंजन...

कस्तूरी कुंडल बसै… (व्यंग्य)- इष्ट देव सांकृत्यायन

पता नहीं, भ्रष्टाचार जी ने कुछ लोगों का क्या बिगाड़ा है जो वे आए दिन उनके पीछे ही पड़े रहते हैं। कभी धरना दे...

सावधान! मैं किताब लिख रहा हूँ (व्यंग्य)- संजय जोशी “सजग”

ऋषभ जी एक चिंतक और लेखक हैं। इस क्षेत्र में थोड़ा बहुत उनका नाम भी है और पेशे से अध्यापक जो हैं, अपने कार्यस्थल...

व्यंग्य- संस्कृति- हरिशंकर परसाई

भूखा आदमी सड़क किनारे कराह रहा था। एक दयालु आदमी रोटी लेकर उसके पास पहुंचा और उसे दे ही रहा था कि एक दूसरे...

वसूली करना अपुन से सीखो (व्यंग्य)- अर्चना चतुर्वेदी

हमारे देशवासियों की आदतें और सोच सारी दुनिया से निराली है। जैसे पूरे पर्वत पर संजीवनी बूटी चमकती थी ऐसे हम पूरी दुनिया में...

लीडर-लाला (व्यंग्य)- हरिशंकर शर्मा

 एक खास किस्म का समझदार जंतु होता है, जो हर मुल्क और मिल्लत में पाया जाता है। उसे कौम के सर पर सवार होना...