Saturday, January 19, 2019

चुप रहकर क्यूँ सहना, मैंने तो मनचले की खाल नोंच ली...

लड़कियों प्रतिरोध करो, जायरा को चीखना चाहिए था। सिर आसमान पर उठा लेना चाहिए था। कोई आपको मोलेस्ट कर रहा है, तब आप चुप...

आकाश से गोलियों की बौछार (कविता)- बोरीस स्‍कीस्‍लूत्‍

आकाश से गोलियों की बौछार की तरह तालुओं को जला रही है वोदका आँखों से टपकते हैं तारे जैसे गिर रहे हों बादलों के बीच से और...

संगीत और साहित्यिक कार्यों के लिए आईपीआरएस का अमेज़ॅन इंडिया के...

अमेज़ॅन इंडिया की हाल ही में लॉन्च की गई विज्ञापन मुक्त संगीत लहराने वाली सेवा, अमेज़ॅन प्राइम म्यूज़िक, कई भाषाओं,युगों और भारतीय संगीत की...

बुकर प्राइज विजेता जाॅन बर्जर का निधन

बुकर प्राइज विजेता लेखक जाॅन बर्जर का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया।वह पेरिस में रह रहे थे। जाॅन बर्जर एक दूरदर्शी...

डायन कुप्रथा पर आधारित नाटक का मंचन

हिंद वॉच ब्यूरो रिपोर्ट भोपाल : शहर के शहीद भवन में इन दिनों रंग त्रिवेणी नाट्य उत्सव-4 का आयोजन किया जा रहा है। इस नाट्य उत्सव में...

चीख (कविता)- अरुण कोलटकर

बिलकुल अभी-अभी तक जहाँ हिरोशिमा था उस दिशा से आनेवाले व मियुकी पुल से बहनेवाले परछाइयों के रेले में देखा है क्या किसी ने एक स्कूली लड़की को खून का किमोनो...

24 लेखक साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित

भारतीय भाषाओं के 24 प्रतिष्ठित लेखकों को 22फ़रवरी  को साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया| साहित्य अकादमी पुरस्कार वार्षिक ‘फेस्टीवल ऑफ लेटर्स’ में प्रदान...

आलस्य-भक्त (व्यंग्य)- गुलाब राय

अजगर करै न चाकरी, पंछी करे न काम।      दास मलूका कह गए, सबके दाता राम ।। प्रिय ठलुआ-वृंद! यद्यपि हमारी सभा समता के पहियों पर...

मापदंड बदलो (कविता)- दुष्यंत कुमार

मेरी प्रगति या अगति का यह मापदंड बदलो तुम, जुए के पत्ते-सा मैं अभी अनिश्चित हूँ । मुझ पर हर ओर से चोटें पड़ रही हैं, कोपलें उग रही...

हमारी बेटियाँ (कविता) : आकांक्षा यादव

हमारी बेटियाँ घर को सहेजती-समेटती एक-एक चीज का हिसाब रखतीं मम्मी की दवा तो पापा का आफिस भैया का स्कूल और न जाने क्या-क्या। इन सबके बीच तलाशती हैं अपना भी वजूद बिखेरती...