Friday, May 24, 2019

अजनबी देश है यह (कविता) -सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

अजनबी देश है यह, जी यहाँ घबराता है कोई आता है यहाँ पर न कोई जाता है जागिए तो यहाँ मिलती नहीं आहट कोई, नींद में जैसे...

डिजिटल तिलिस्म का रोमांच

फ़िल्म : जुमानजी: वेलकम टू जंगल हिंद वॉच मीडिया रेटिंग : 3.5/5 स्टार सेंसर सर्टिफिकेट : (U/A) जॉनर : ऐक्शन, एडवेंचर, कॉमेडी, फैंटेसी अवधि : 1 घंटा,...

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना, हिन्दी लेखनी में एक ऐसा नाम जिनसे कोई...

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना हिन्दी साहित्य जगत के एक ऐसे शख्स हैं, जिनकी लेखनी से कोई विधा अछूती नहीं रही। चाहे वह कविता हो, गीत...

वंचित तबके के लिए स्टार नाइट में तब्दील हुआ ‘स्माइल इंडिया’...

‘स्माइल इंडिया’ का ‘गिफ्ट ए स्माइल 2018’ कार्यक्रम पिछले दिनों एयरपोर्ट होटल रेडिसन ब्लू में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम संस्था के सोलह वर्षों के...

आर्ट का पुल (कहानी) -फ़हीम आज़मी

पहले तो सारा इलाका एक ही था और उसका नाम भी एक ही था। इलाका बहुत उपजाऊ था। बहुत से बाग, खेत, जंगली पौधे,...

सावधान! मैं किताब लिख रहा हूँ (व्यंग्य)- संजय जोशी “सजग”

ऋषभ जी एक चिंतक और लेखक हैं। इस क्षेत्र में थोड़ा बहुत उनका नाम भी है और पेशे से अध्यापक जो हैं, अपने कार्यस्थल...

आकाश से गोलियों की बौछार (कविता)- बोरीस स्‍कीस्‍लूत्‍

आकाश से गोलियों की बौछार की तरह तालुओं को जला रही है वोदका आँखों से टपकते हैं तारे जैसे गिर रहे हों बादलों के बीच से और...

दर्ज लम्हे : खुदकुशी के (नाटक)- दिनकर बेडेकर

व्यक्ति रेखा : जनक, राजा, मोहिनी ( किसी नाटक की रिहर्सल का कमरा। थोड़ा फर्नीचर जमा कर रखा है। एक दरवाजा। प्रकाश योजना केवल आवश्यक...

बू (कहानी) : सआदत हसन मंटो

बरसात के यही दिन थे। खिड़की के बाहर पीपल के पत्ते इसी तरह नहा रहे थे सागवन के स्प्रिन्गदार पलंग पर, जो अब खिड़की...

टूट गई अनुष्का की शादी, अब होगा तलाक

बीता साल सेलेब्रिटीज़ कपल के तलाक और उनके टूटे रिश्तों के नाम रहा। कि बड़े कपल्स जहां अलग हुए वहीं विराट कोहली की शादी...