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हाथरस : चीटिंग माफिया की पोल खोलती हाजीपुर की एक तस्वीर आपको याद होगी, जिसमें अभिभावक परीक्षा केंद्र पर नक़ल करवाने के लिए मधुमक्खी की तरह खिडकियों पर लटके हुए  नजर आ रहे थे, लेकिन आपने कभी यह नहीं सोचा होगा कि परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने के लिए छात्रों से जबरन 5 हजार रुपये वसूले जा सकते हैं| रामराज लाने का सपना परोसने वाले  योगी आदित्यनाथ के सूबे में छात्रों के अनुसार नकल माफिया का मनोबल इतना बढ़ गया है कि छात्रों से परीक्षा केंद्र पर कहा जा रहा है कि पांच हजार दो वरना परीक्षा नहीं देने दिया जायेगा|

यह नजारा हाथरस जिले के एक इंस्टीटयूट में देखने को मिला। हाथरस की सादाबाद तहसील के सलेहपुर चंदवारा में स्थित केएल इंस्टीटयूट ऑफ़ एजूकेशन में बीए / बीएससी की परिक्षा देने आये छात्रों के अनुसार उन्हें परिक्षा देने से इसलिए वंचित होना पड़ा क्यूंकि वे परीक्षा केंद्र प्रबंधन द्वारा नक़ल करवाने के नाम पर प्रति छात्र 5 हजार रुपये देने की मांग पर राजी नहीं हुए।

शिक्षा को व्यापार समझने वाले संस्थानों की मनमानी कोई नई बात नहीं है| उत्तर प्रदेश के हाथरस में ये नजारे अक्सर दिखाई देते है। चाहे यूपी बोर्ड की परिक्षा हो या BA, MA की परिक्षा, शिक्षा और नक़ल माफिया बेखौफ अपना खेल खेलते नजर आते हैं| डिग्रियों की कीमत तय की जाती है, जिसे अदा करने के छात्र मजबूर होते हैं| हाथरस जनपद में यूपी बार्ड की परिक्षा के साथ-साथ अब डिग्री कॉलेज के पेपर भी नकल की भेट चढ़ गये है। सादाबाद के केएल इंस्टीटयूट ऑफ़ एजुकेशन में परिक्षा देने गये छात्रों से 5 हजार रूपए की मांग की गयी जिससे इनकार करने पर उन्हे पेपर नही देने दिया गया।

जब हमने प्रधानाचार्य से बात किया तो कैमरे के सामने बडी सादगी से  केएल इंस्टीटयूट ऑफ़ एजुकेशन के प्रधानाचार्य प्रताप सिंह ने यह कबूल किया कि छात्रों से परीक्षा देने के लिए पैसे लिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जो भी हो रहा है उसके लिए उनपर कॉलेज प्रबंधन से उनके ऊपर दबाव बनाया जाता है| उन्होंने कहा कि हमे जो निर्देश मिले है, हम वैसा ही कर रहे है| उन्होंने यह भी माना कि जिन कॉलेज के विद्यार्थियों को उनके इंस्टिट्यूट में सेंटर मिला है उन कॉलेज वालों की तरफ से उन पर नकल कराने का दबाब है। और यह पैसे नक़ल कराने की फीस के रूप में मांगें जा रहे हैं।

परीक्षा देने आये छात्रों द्वारा इसकी शिकायत परीक्षा हेल्पलाइन नम्बर पर दर्ज करवा दी है लेकिन छात्रों की मदद के लिए कोई टीम परीक्षा केंद्र पर नहीं पहुँचीं| अब मजबूर होकर बच्चे परीक्षा केंद्र के बाहर धरने पर बैठे हैं

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नीरज चक्रपाणी उत्तर प्रदेश के हाथरस में सक्रीय पत्रकारिता कर रहे हैं। रिपोर्टिंग का लम्बा अनुभव रखने वाले नीरज ने अनेक प्रतिष्ठित मीडिया सस्थानों के साथ काम किया है। नीरज हिंद वॉच मीडिया के लिए हाथरस से नियमित तौर पर स्वतंत्र एवं स्वैच्छिक रूप से रिपोर्टिंग करते रहे हैं। सटीक, निर्भीक और प्रमाणिक जमीनी पत्रकारिता उनकी विशेषता है। हिंद वॉच मीडिया समूह जमीनी सरोकारों से जुड़ी जनपक्षधरता की पत्रकारिता कर रहा है। साप्ताहिक अखबार, न्यूज़ पोर्टल, वेब चैनल और सोशल मीडिया नेटवर्क के माध्यम से जमीनी और वास्तविक ख़बरों को निष्पक्षता और निडरता के साथ अपने पाठकों तक पहुंचाने के लिए हिंद वॉच मीडिया पूरी समर्पण से काम करता है। भारत और विदेशों में यह वेब पोर्टल पढ़ा जा रहा है।