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Former Maharashtra home minister Chhagan Bhujbal

मुम्बई की एक विशेष अदालत ने 13जनवरी को जे जे अस्पताल के डीन डॉ. टी पी लहाने को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया है। उनपर धनशोधन मामले में आरोपी एनसीपी नेता छगन भुजबल को एक निजी अस्पताल में अधिक समय तक ठहरने देने का आरोप था। भुजबुल को एक घंटे में हो सकने वाले एक मेडिकल टेस्ट के लिए बोम्बे हॉस्पिटल भेजा गया था| लेकिन वह एक महीने तक अस्पताल में रहे।

12 जनवरी को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की अदालत के न्यायाधीश पी आर भावके ने सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया की अर्जी पर सुनावाई की| जिसमें कार्यकर्ता ने राज्य सरकार के जेजे हॉस्पिटल और ऑर्थर रोड जेल के अधिकारियों पर ड्यूटी की लापरवाही के आरोप लगाए थे।

न्यायाधीश भावके ने आगे की कार्रवाई के लिए यह मामला बंबई उच्च न्यायालय के पास भेज दिया। न्यायाधीश ने कहा “दमानिया के आवेदन को मंजूर किया जाता है और डीन को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया जाता है। आगे की कार्रवाई के लिए यह मामला बंबई उच्च न्यायालय के पास भेजा जाता है।”

दमानिया इस दलील के साथ पिछले महीने पीएमएलए अदालत पहुंची थीं कि “जे जे अस्पताल और आर्थर रोड जेल के अधिकारियों की ड्यूटी की लापरवाही के चलते भुजबल दो नंवबर से बंबई के अस्पताल में ठहरे हुए हैं।” भुजबल को अस्पताल ले जाए जाने से पहले ऑर्थर रोड जेल में रखा गया था।

भुजबल थैलियम स्कैन के लिए बंबई अस्पताल में गए थे। दमानिया ने भी यह भी आरोप लगाया था कि राकांपा नेता अदालती आदेश का दुरूपयोग कर रहे हैं। भुजबल दिल्ली में महाराष्ट्र सदन के भवन के निर्माण में रिश्वतखोरी एवं धनशोधन के आरोपों में ईडी द्वारा पिछले साल 14 मार्च को गिरफ्तार किए गए थे।