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क्रिकेट को लेकर रोज कोई न कोई विवाद भरी खबर सामने आ ही जाती है। कभी मैच फिक्सिंग को लेकर बवाल होता है तो कभी विराट कोहली का बोर्ड से झगड़ा बढ़ जाता है लेकिन इस बार विवाद की वजह जरा हटकर है।

दरअसल इस बार सारा फसाद गेंद के रंग को लेकर हो रहा है। मामला यह है कि एक खिलाड़ी को सफ़ेद रंग की गेंद के इस्तेमाल से आपत्ति है और वह इस पर अपनी असहमति दर्ज कर रहा है। क्यों दर्ज करा रहा असहमति? आइये जानते हैं।

सैयद मुश्‍ताक अली T20 टूर्नामेंट से जुड़ा मामला है। प्रबंधकों ने इस टूर्नामेंट को समय से पहले कराने का फैसला किया, ताकि इंडियन प्रीमियर लीग से पहले क्रिकेट खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें।

लेकिन, खिलाड़ी बीसीसीआई के एक फैसले से नाखुश हैं। क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट में एसजी के सफेद बॉल का इस्‍तेमाल करने का फैसला किया है।

क्रिकेट बोर्ड ने वर्ष 2015 में कुकाबुरा जनरल के स्‍थान पर नए कुकाबुरा टर्फ बॉल के इस्‍तेमाल का फैसला किया था। अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में इसी का प्रयोग किया जा रहा है। इसका उद्देश्‍य स्‍थानीय प्‍लेयर्स को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर का अनुभव देना था।

ऐसे में बोर्ड ने अचानक से एसजी के सफेद बॉल का इस्‍तेमाल करने का फैसला ले लिया। इससे खिलाड़ी नाखुश बताए जाते हैं। उन्‍होंने इसको लेकर चिंता भी जाहिर की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुछ प्‍लेयर्स ने बताया कि यह बॉल बहुत ज्‍यादा हार्ड है, जिसके कारण यह कुकाबुरा टर्फ के मुकाबले ज्‍यादा दूर तक नहीं जा पाता है।

मालूम हो कि एसजी ने नए सफेद बॉल को हाल में ही लाया है। मुश्‍ताक अली टूर्नामेंट में इसका पहली बार इस्‍तेमाल किया जा रहा है। सफेद बॉल पर बात करते हुए एक प्‍लेयर ने कहा, ‘मुझे नहीं मालूम इस गेंद (सफेद बॉल) का इस्‍तेमाल क्‍यों किया जा रहा है।

इसका अनुभव बिल्‍कुल अच्‍छा नहीं है। यदि देश में एकदिवसीय और T20 मैचों में कुकाबुरा बॉल का प्रयोग किया जा रहा है तो घरेलू T20 टूर्नामेंट में सफेद बॉल के इस्‍तेमाल का कोई तुक नहीं बनता है।’

कुल मिलकर मामला फिजूल का नहीं लगता, इसमें कोई न कोई पेंच तो है लेकिन जो भी अपसा में सुलझा लेने बेहतर है क्योंकि इस से बात बढ़ती हैं और खिलाड़ी और बोर्ड के बीच की दूरियां भी।