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दक्षिण भारत में काफी ज्यादा दिक्कत पैदा खबर है कि अब यह मुंबई में होना आतंक मचाएगा, ओखी की दस्तक से मुंबई में अफरातफरी का माहौल है। ‘ओखी’ की वजह से मुंबई में जमकर बारिश हुई। इस कारण राज्य सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा कर दी। बारिश और तापमान गिरने से सड़कों पर रोजाना से कम लोग निकले। ट्रेनों में भी भीड़ कम देखी गई। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की मुंबई ऑब्जर्वेटरी द्वारा चेतावनी देने के बाद राज्य सरकार ने सिंधुदुर्ग, ठाणे, रायगढ़ और पालघर के स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी। मध्य रेलवे मुंबई डिविजन के मुताबिक राहत बचाव कार्य में प्रयोग होने वाली दुर्घटना राहत ट्रेन, दुर्घटना राहत मेडिकल वैन आदि जरूरी चीजों का प्रबंध कर लिया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि 250 से ज्यादा रेलवे पुलिस बल और महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा बल के लोगों को भी भीड़ नियंत्रण और अन्य कार्यों के लिए स्टेशन में तैनात कर दिया गया है। दूसरी तरफ चुनावी राज्य गुजरात में ओखी की वजह से चुनाव प्रचार पर भी असर हुआ है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की 3 रैलियों को रद्द करना पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में बीजेपी कार्यकर्ताओं से राज्यभर में तूफान से प्रभावित लोगों की मदद की अपील की है। विभाग के मुताबिक, ‘वलसाड, सूरत, नवसारी, भरूच, दांग, तापी, अमरेली, गिर-सोमनाथ और भावनगर जिलों में भारी बारिश हो सकती है।’ गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने हालात से निपटने की तैयारी के तहत सूबे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की है। मुंबई से 283 किलोमीटर दूर गुजरात के सूरत में रेस्क्यू टीम पहुंच चुकी है। कोस्ट गार्ड अधिकारियों के अनुसार, ओखी चक्रवात सूरत की ओर 85 किलोमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है।
हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक महाराष्ट्र तट और मुंबई इस चक्रवात से सुरक्षित है। भारतीय तट रक्षक बल (आईसीजी) ने सोमवार को अरब सागर से 19 मछुवारों को सुरक्षित निकाला है। कोस्ट गार्ड अधिकारियों के अनुसार, ओखी चक्रवात सूरत की ओर 85 किलोमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि 26 नवंबर को श्रीलंका के पास से ओखी चक्रवात उठा था, जो धीरे-धीरे केरल पहुंच गया। चक्रवात से समुद्र में मछली पकड़ने गए सैकड़ों मछुआरे लापता हो गए, जिनकी तलाश जारी है। महाराष्ट्र के कुछ भागों में चक्रवात का असर देखने को मिला है। महाराष्ट्र से भले ही ओखी का खतरा लगभग टल चुका है, पर सूरत की ओर बढ़ता यह चक्रवात तेल के कुओं पर गहरा असर डाल सकता है।