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अब लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए पहले के मुकाबले पांच गुना ज्यादा फीस देनी होगी। सड़क परिवहन मंत्रालय ने फैसला किया है कि “ड्राइविंग लाइसेंस इशू करने की फीस अब 40 रुपए से बढ़ाकर 200 रुपए कर दी जाएगी।” वहीं आपको अगर स्मार्ट कार्ड जैसा लाइसेंस चाहिए तो फिर उसके लिए और ज्यादा पैसे देने होंगे। खबरों के मुताबिक, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पंजाब और तमिलनाडु ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही वक्त पर अपना लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाने पर भी अब पहले से ज्यादा पैसा देना होगा। एक नोटिफिकेशन में कहा गया कि “अब 300 रुपए फालतू देने होंगे। इसके अलावा प्रति साल के हिसाब से एक हजार रुपए और देने होंगे।”

परिवहन विभाग के एसपी सिंह ने फीस बढ़ाने को साधारण बताते हुए कहा “यह असामान्य वृद्धि नहीं है। इस बारे में काफी वक्त से बात चल रही थी। इससे विभाग की स्थिति को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। उन लोगों पर जुर्माना ज्यादा लगेगा जो अपनी जानकारी वक्त पर अपडेट नहीं करवाते।” उन्होंने आगे कहा कि “कई बार प्रवर्तन एजेंसियों से भी जानकारी मिली है कि उनके द्वारा भेजे गए चालान वापस आ जाते हैं क्योंकि जिसको वे चालान भेजते हैं उन्होंने अपना घर बदल लिया होता है लेकिन उसे लाइसेंस में अपडेट नहीं करवाया होता।”

सरकार ने यह कदम फीस को समान करने के लिए भी किया है। क्योंकि इसमें दशकों से बदलाव नहीं हुआ था। इससे सभी राज्यों की फीस एक जैसी हो जाएगी। इसके अलावा मालिकाना हक में बदलाव के लिए दी जाने वाली NOC की फीस को भी बढ़ाया जाने वाला है। नई फीस के मुताबिक, भारी वाहन के फिटनेस टेस्ट के लिए 600 रुपए देने होंगे वहीं कार के लिए इसे 400 रुपए रखा गया है। स्वचालित परीक्षण की फीस और ज्यादा रखी गई है।