Print Friendly, PDF & Email

election-commission__516350584__1960110468

चुनाव से ठीक पहले बजट की तारीख पर विपक्ष की आपत्ति के बाद चुनाव आयोग ने इस बारे में सरकार से जवाब तलब किया है| चुनाव आयोग ने केंद्र की मोदी सरकार को पत्र लिखकर बजट की तारीख को आगे बढ़ाने के बारे में उसके विचार पूछे हैं। इसके लिए ईसी ने कैबिनेट सचिव प्रदीप सिन्हा को पत्र भेज दिया है और 10 जनवरी तक जवाब देने को कहा है।

दरअसल, विपक्षी दलों की मांग है कि बजट पेश करने की तारीख को 1 फरवरी से आगे बढ़ा दिया जाए। इसपर चुनाव आयोग ने केंद्र का रुख जानना चाहा है। विपक्षी दलों की मांग है कि “बजट 8 मार्च के बाद पेश किया जाना चाहिए यानी पांचों राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की वोटिंग के बाद।” केंद्र सरकार का रुख जानने के बाद ही चुनाव आयोग आगे कोई फैसला लेगा। इससे पहले विपक्षी पार्टियों का एक दल तीनों इलेक्शन कमीश्नर, नसीम जैदी, ओपी रावत और एके जोटी से मिलने पहुंचा था। जिसमें कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद भी शामिल थे।

चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि “चुनाव आयोग सरकार के वैधानिक काम में दखल नहीं दे सकता है| वह केवल सरकार से अपनी बात के लिए राजी कर सकता है|” चुनाव आयोग के प्रमुख नसीम ज़ैदी ने खुद ही इसकी पुष्टि की कि “उनसे कहा गया है कि सरकार को चुनाव से पहले बजट पेश करने के लिए रोका जाए|” 2012 में जब इन्हीं राज्यों में चुनाव हुए थे|तब भी फरवरी में पेश होने वाला बजट|मार्च के मध्य में मतदान पूरा होने के बाद साझा किया गया था|