IVF तकनीक से जन्मा पहला टेस्ट ट्यूब शावक

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नई दिल्ली
ज के समय में विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है कि हर लगभग हर नामुमकिन सवाल अब मुमकिन सा लगने लगा है। आजकल लोग टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया का इस्तेमाल कर लोग बच्चे पैदा कर रहे है। अब यह प्रक्रिया जानवरों पर भी करना शुरू कर दिया है।

दरअसल, हाल ही में एक मादा शेरनी ने टेस्ट ट्यूब बेबी की सहायता से दो शावकों को जन्म दिया है। दुनिया से लुप्त होती शेरों की तादात जैसी समस्या से तो हर कोई वाकिफ है। जिसके चलते कई अभियान तक शुरू किए गए हैं। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इसका भी समाधान निकाल लिया है। बताया जा रहा है कि वैज्ञानिकों ने शेर के पहले टेस्ट ट्यूब यानी बच्चों को पैदा करने में सफलता हासिल कर ली है। बता दें, कि यूनिवर्सटिी ऑफ प्रटिोरिया के वैज्ञानिकों ने आईवीएफ तकनीक से इन बच्चों को जन्म देने में सफलता पाई है।

इससे पहले भी इस तकनीक का इन जानवरों से पैदा हुए टेस्ट ट्यूब बेबी
1980 में अमेरिका स्थित पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सकों ने दुनिया का पहला गाय का टेस्ट ट्यूब बच्चा पैदा कराने में सफलता हासिल की।
2015 अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इस तकनीक का इस्तेमाल मादा श्वान पर किया, जिसने सात पिल्लों को जन्म दिया।
2016 में दक्षिण अफ्रीका में अफ्रीकी भैंस ने इस तकनीक की मदद से टेस्ट ट्यूब बच्चे को जन्म दिया।

वैज्ञानिकों ने इन-विट्रो फर्टीलाइजेशन (आइवीएफ) तकनीक की मदद से एक शेर के स्पर्म को शेरनी के गर्भाशय में डाला। इसके साढ़े तीन महीने बाद उसने एक शेरनी और एक शेर को जन्म दिया। दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं।





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