देश में बाढ़ का कहर, एनडीआरएफ और सेना को बचाव कार्य में लगाया गया

केरल के अलावा देश के कई राज्य बाढ़ की चपेट में

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नई दिल्ली (नेशनल डेस्क)।
केरल में बाढ़ के चलते 80 हजार लोग विस्थापित हुए हैं। इनमें अकेले एर्नाकुलम के अलुवा के 70 हजार लोग शामिल हैं। बाढ़ से केरल में आठ हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। सेना की 16, नाैसेना की 28 और एनडीआरएफ की 58 टीम राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं। भारी बारिश के चलते पिछले दिनों राज्य में छोटे-बड़े 80 बांधों के गेट खोलने पड़े। केरल में पानी के ऊपर लाशों को तैरते देखा जा रहा है। स्थिति संभलने के बजाय बिगड़ते जा रही है। मई से अब तक 324 लोगों की मौत होने के बाद आज 18 अगस्त को 23 और शव मिले। इनमें से 15 शव बाढ़ के पानी में तैरते हुए मिले। 14 में से 13 जिले बेहद प्रभावित हुए हैं।

देश के कई राज्यों में बना है बाढ़ का खतरा
कर्नाटक के छह जिले बाढ़ की चपेट में : कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़, उत्तर कन्नड़, उडुपी, चिकमंगलुरू, कोडगू, हासन का कुछ हिस्सा बाढ़ की चपेट में हैं। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बताया कि कोडगू जिले में बाढ़-बारिश से छह लोगों को मौत हुई। 11 हजार घरों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना और एनडीआरएफ के एक हजार जवान राहत कार्य में जुटे हुए हैं। वायुसेना ने बाढ़ में फंसे 873 लोगों को 17 राहत शिविरों में पहुंचाया। कर्नाटक के 16 अन्य जिले सूखे की चपेट में हैं। केरल और कर्नाटक में बारिश से आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में कावेरी और गोदावरी सहित अन्य नदियां उफान पर हैं। तटीय गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है।

गुजरात समेत चार राज्यों में बारिश : मानसून गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और राजस्थान में फिर सक्रिय हो गया है। महाराष्ट्र में पिछले तीन दिनों से बारिश हो रही है। शुक्रवार को औरंगाबाद की रंगावली नदी में बाढ़ से चार लोगों की मौत हो गई। मराठवाड़ा और विदर्भ में भी एक-एक युवक की जान गई। गुजरात में एक पखवाड़े के बाद कच्छ को छोड़कर अधिकतर हिस्सों में भारी बारिश हुई। अहमदाबाद में जलभराव से जनजीवन पर असर पड़ा। मध्यप्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश ने जोर पकड़ लिया है।





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