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नई दिल्ली
पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्‍कार शुक्रवार को नई दिल्‍ली के स्‍मृति स्‍थल में किया जाएगा। अभी उनका पार्थिव शरीर उनके सरकारी आवास छह, कृष्‍ण मेनन मार्ग पर रखा गया है। उनके सरकारी आवास पर पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्‍या में लोग पहुंच रहे हैं। आवास के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग गई हैं। उनके अं‍तिम दर्शन के लिए लोगों को सरकारी आवास में भेजा जा रहा है।

पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार शाम को 93 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) अस्पताल में उन्होंने शाम 5 बजकर 5 मिनट पर अंतिम सांस ली। स्वास्थ्य संबंधी समस्या की वजह से लगभग एक दशक से सार्वजनिक जीवन से दूर पूर्व प्रधानमंत्री को मूत्र मार्ग में संक्रमण की वजह से 11 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वाजपेयी के निधन के बाद पूरे देश और दुनिया में शोक की लहर है। केंद्र सरकार ने वाजपेयी के निधन पर सात दिन के राष्ट्रीय शोक और पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार करने की घोषणा की है। इस दौरान भारत और विदेश में भारतीय दूतावासों में 16 अगस्त से 22 अगस्त के बीच राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के तिरंगे में लिपटे हुए पार्थिव शरीर को आम जनता के दशनों के लिए बीजेपी के मुख्यालय लाया गया है। फूलों से ढके ताबूत में रखे पार्थिव शरीर को बीजेपी के 6-A दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित मुख्यालय ले जाया गया। बीजेपी मुख्यालय से राष्ट्रीय स्मृति स्थल पहुंचने के लिए उनकी अंतिम यात्रा दोपहर एक बजे से शुरू होगी। वाजपेयी का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम 4 बजे विजय घाट पर होगा। गुरुवार शाम को अटल बिहारी वाजपेयी का शव एम्स से उनके घर कृष्ण मेनन मार्ग पर लाया गया था जहां उन्हें नेताओं द्वारा अंतिम श्रद्धांजलि दी गई।
राजनेताओं ने जताया शोक
पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री व भारतीय राजनीति की महान विभूति श्री अटल बिहारी वाजपेयी के देहावसान से मुझे बहुत दुख हुआ है। विलक्षण नेतृत्व, दूरदर्शिता तथा अद्भुत भाषण उन्हें एक विशाल व्यक्तित्व प्रदान करते थे। उनका विराट व स्नेहिल व्यक्तित्व हमारी स्मृतियों में बसा रहेगा।’
वाजपेयी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उनका जाना मेरे पिता को खोने जैसा है। वे मां भारती के सच्चे सपूत थे। भारत ने अपने अनमोल रत्न को खोया है, अटल जी का जीवन हमें प्रेरणा देता रहेगा। इससे पहले पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा था, ‘मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है। हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे। अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है।’

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ‘असंभव की किताबों पर जय का चक्रवर्ती निनाद करने वाले मानवता के स्वयंसेवक, परम आदरणीय अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। अटल जी के निधन के साथ ही भारतीय राजनीति का ध्रुवतारा अस्त हो गया। आप सदैव हमारे हृदय में रहेंगे। इस खालीपन को भरना असंभव है।’

सोनिया गांधी ने वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा, ‘अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से काफी दुखी हूं। हमारे राष्ट्रीय जीवन में वाजपेयी एक अत्यंत उत्कृष्ठ व्यक्तित्व थे। पूरे जीवन में वे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खड़े रहे और उन्होंने सांसद, केंद्रीय मंत्री या प्रधानमंत्री के रूप में सभी कार्यों में अपनी इस प्रतिबद्धता को साबित किया।’

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने कहा, ‘आज भारत ने एक महान सपूत को खो दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी लाखों लोगों के द्वारा सम्माननीय थे। उनके परिवार और उनके सभी प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना। हम उनकी कमी महसूस करेंगे।’

गुरुवार को अटल बिहारी वाजपेयी के घर पहुंचकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, वरिष्ठ बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सहित कई बड़े नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।

सात दिनों का राष्ट्रीय शोक 
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर केंद्र सरकार ने 7 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। राष्ट्रीय शोक के दौरान देशभर में उन सभी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया जाता है जहां इसे नियमित फहराया जाता है। साथ ही राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाता है। अटल बिहारी वाजपेयी के पार्थिव शरीर को तिरंगे से लपेटा गया है। इस दौरान भारत और विदेश में भारतीय दूतावासों में 16 अगस्त से 22 अगस्त के बीच राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। पूरे राजकीय सम्मान के साथ शुक्रवार को विजय घाट पर वाजपेयी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

राज्य सरकारों ने की छुट्टी की घोषणा
बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पंजाब में राज्य सरकारों ने शुक्रवार को अटल बिहारी के निधन के कारण सभी स्कूलों और सरकारी दफ्तरों में छुट्टी की घोषणा की है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि शुक्रवार को सभी निजी और सरकारी स्कूल बंद रहेंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘बिहार सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन पर सात दिनों के राजकीय शोक एवं कल (17 अगस्त) को एक दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।’

दुनिया ने जताया शोक
अटल बिहारी वाजपेयी की मौत पर देश से बाहर भी शोक की लहर है। पाकिस्तान सरकार ने अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि, ‘वह एक प्रख्यात राजनीतिज्ञ थे जिन्होंने भारत-पाक संबंधों में सुधार लाने के लिए योगदान दिया। वे विकास के लिए सार्क और क्षेत्रीय सहयोग के मुख्य समर्थक थे। पाकिस्तान सरकार और यहां के लोगों का उनके परिवार, सरकार और भारत के लोगों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त करती है।’
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान ने कहा, अटल बिहारी वाजपेयी इस उपमहाद्वीप के प्रभावशाली व्यक्तित्व थे। भारत-पाक संबंध को बेहतरीन करने के उनके प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा। विदेश मंत्री रहते हुए श्री वाजपेयी ने भारत-पाक संबंधों को सुधारने का जिम्मा लिया था।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा, ‘भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दुखद निधन पर अचंभित हूं, भारत के सबसे प्रसिद्ध बेटों में एक। उन्हें अच्छी सरकार चलाने और भारत के आम लोगों के मुद्दों के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और समृद्धि को प्रमुखता देने के लिए याद किया जाएगा। सरकार और बांग्लादेश के लोगों और मैं अपनी तरफ से उनके परिवार, भारत सरकार और लोगों के प्रति सहानुभूति और सांत्वना प्रकट करती हूं। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं।’

भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त डोमिनिक एसकिथ ने कहा, ‘भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से हम दुखी हैं। हम उन्हें भारत के महानतम नेताओं में एक के रूप में याद रखेंगे। श्री वाजपेयी यूके में एक उत्कृष्ठ राजनीतिज्ञ के रूप में सम्मानित थे।’

भारत में अमेरिकी दूतावास ने कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर भारत अमेरिका के साथ शोक मनाता है। उन्हें भारत-अमेरिका संबंधों के आधार बनाने में उनके बहुत बड़े योगदान के लिए याद किया जाएगा।’

2014 में भारत रत्न से हुए थे सम्मानित
66 दिनों तक एम्स में जिंदगी लड़ाई लड़ने के बाद वाजपेयी ने 16 अगस्त को अंतिम सांस ली लेकिन एक कट्टर पार्टी के उदारवादी चेहरे अटल बिहारी वाजपेयी ने 1990 में पहली बार पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में सफलता हासिल की थी। वाजपेयी को 2014 में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनके जन्मदिवस 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। वाजपेयी 3 बार प्रधानमंत्री रहे। वह पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने और उनकी सरकार सिर्फ 13 दिनों तक ही चल पाई थी।

1998 में वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने, तब उनकी सरकार 13 महीने तक चली थी। 1999 में वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और पांच सालों का कार्यकाल पूरा किया। वाजपेयी को 1971 में बांग्लादेश की स्वतंत्रता के लिए पाकिस्तान पर विजय प्राप्त करने के बाद इंदिरा गांधी को दुर्गा कहकर प्रशंसा करने के लिए भी जाना जाता है।
उनमें विदेश नीति मुद्दे की विशिष्ट योग्यता थी और तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने उन्हें संयुक्त राष्ट्र मानवधिकार कांफ्रेंस में पाकिस्तान के कश्मीर अभियान का जवाब देने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करने के लिए चुना था।