Print Friendly, PDF & Email

नई दिल्ली (नेशनल डेस्क) ।
देश की राजधानी दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा एक्सटेंशन में मंगलवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। ग्रेटर नोएडा वेस्ट, जिसे नोएडा एक्सटेंशन भी कहा जाता है, के शाहबेरी इलाके में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के ऊपर एक पुरानी बिल्डिंग के गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई। बिल्डिंग के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद है। वहीं, इस मामले में अभी तक बिल्डर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

बिल्डर, अथॉरिटी और प्रशासन की मिलीभगत का परिणाम :
ख़बर है कि जमींदोज़ हुए बिल्डिंग का नक्शा भी ग्रेटर नॉएडा अथॉरिटी से स्वीकृत नहीं करवाया गया था। इस लिहाज से यह बिल्डिंग अवैध रूप से बनाई जा रही थी। अगर ऐसा है तो इसमें अथॉरिटी और स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध नजर आती है। आश्चर्य की बात तो यह है कि ऐसे बिल्डिंग में बने फ्लैट्स के खरीददारों को अथॉरिटी बकायदा रजिस्ट्री करके मालिकाना देती है| अहम सवाल यह है कि जिस बिल्डिंग के निर्माण के लिए ग्रेटर नॉएडा अथॉरिटी से नक्शा स्वीकृत नहीं करवाया गया, उसमें बैंक लोन और रजिस्ट्री कैसे संभव है? अगर यह बिल्डिंग अवैध रूप से बन रही थी तो स्थानीय प्रशासन और ग्रेटर नॉएडा अथॉरिटी ने इसके निर्माण पर रोक क्यूँ नहीं लगायी थी? भरभराकर गिरे बिल्डिंग में जब बेसमेंट का निर्माण आरम्भ हुआ था, तभी स्थानीय निवासियों ने जिलाधिकारी और ग्रेटर नॉएडा अथॉरिटी में लिखित शिकायत दर्ज करवाया था, उन शिकायतों पर अगर समय रहते कार्यवाही हो गयी होती तो संभवतः शाहबेरी इलाके में मौत का यह तांडव नहीं हुआ होता।

हाइलाइट्स :
• रात 9 बजे के करीब हादसा हुआ, अब तक 3 की मौत, एनडीआरएफ-आईटीबीपी की टीम राहत कार्य में जुटी।
• यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के आदेश दिए।
• दोनों इमारतों में 50 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका, मलबा हटाने का काम जारी है।
• एक बिल्डिंग के बेसमेंट में पानी भरा हुआ था। इसके कारण बिल्डिंग में सीलन थी।
• केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे, उन्होंने कहा कि पहले फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है।

एक्शन :
3 लोगों की गिरफ्तारीः इस हादसे में अभी तक पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि साल 2009 में नोएडा एक्सटेंशन में कई रिहायशी प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने शाहबेरी गांव की जमीन का अधिग्रहण किया था। कई किसान इस अधिग्रहण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट भी गए थे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के पक्ष में फैसला देते हुए जमीन अधिग्रहण को रद्द कर दिया था। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने शाहबेरी में निर्माण पर रोक लगायी हुई थी। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर बिना नक्शा पास किए इस इलाके में अवैध इमारतों का निर्माण किया जा रहा था। इमारतों में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसका नतीजा 2 इमारतों के ध्वस्त होने के रुप में सामने आया है।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर संवेदना जाहिर की है और घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।