(14 वर्षीय लेखक दीपांशु पराशर की सायबर सुरक्षा पर लिखी पुस्तक “हैकिंग डाइमेंशन” का लोकार्पण करते हुए मशहूर सायबर लॉ विशेषज्ञ और अधिवक्ता पवन दुग्गल)
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नई दिल्ली (नेशनल डेस्क)।
14 वर्षीय छात्र की लिखी पुस्तक “हैकिंग डाइमेंशन” ने आजकल खासी सुर्खियों में है। आमतौर पर सायबर सुरक्षा जैसे विषय को बेहद जटिल समझा जाता है लेकिन दिल्ली के पांडव नगर में रहने वाले चौदह वर्षीय दीपांशु पराशर ने अपनी किताब में बेहद ही सरल शैली में लिखकर इस विषय को पाठकों के लिए सहज बना दिया है। दीपांशु स्वयं दसवीं कक्षा के छात्र हैं और सूचना प्राद्योगिकी उनकी रूचि का विषय रहा है। 92 पन्नों की इस किताब में 10 अध्याय हैं। किताब की प्रस्तावना मशहूर सायबर लॉ विशेषज्ञ और अधिवक्ता पवन दुग्गल ने लिखी है।

“हैकिंग डाइमेंशन” सायबर जगत के रहस्यों पर प्रकाश डालने वाली पुस्तक है। इंटरनेट की विशाल दुनिया में कम्प्यूटर या मोबाइल फोन के स्क्रीन के पीछे होने वाली हलचलों जैसे सायबर अपराध, हैकिंग और वायरस अटैक आदि पर विस्तार पूर्वक सचित्र वर्णन इस पुस्तक को विशिष्ट बनाते हैं। अनेक रेखाचित्रों, स्क्रीनशॉट्स और प्रतिक चिन्हों के माध्यम से लेखक ने पाठकों के लिए सायबर दुनिया की जटिलताओं को समझना आसान बना दिया है।

पुस्तक का पहला अध्याय जहाँ “हैकिंग” की बुनियादी परिभाषा और प्रकार के बारे में बताता है तो वहीं आखिरी यानी दसवां अध्याय “एसक्यूएल इंजेक्शन” की बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी देता है। यह कहा जा सकता है कि पुस्तक के सभी दस अध्याय सायबर सुरक्षा के ख्याल से बहुत व्यवहारिक और उपयोगी ज्ञान से भरे हुए हैं। पुस्तक के पहले चार अध्यायों में, पुस्तक में लक्ष्यों की पहचान के बारे में जानकारी के साथ-साथ विभिन्न एथिकल हैकिंग टूल्स के बारे में जानकारी दी गई है। पांचवें से सातवें अध्याय में, पुस्तक ऑनलाइन गोपनीयता के साथ-साथ दुनिया भर में ऑनलाइन खतरों के बारे में जानकारी से युक्त है। पिछले तीन अध्यायों में, व्यावहारिक रूप से संदेशों को एन्क्रिप्ट करने और डिक्रिप्ट करने जैसे लेख हैं जो हैकिंग से निपटने और साइबर सुरक्षा सीखने के लिए सबसे अच्छा समाधान हैं। हैकिंग और सायबर सुरक्षा जैसे विषयों में रूचि लेने वाले विद्यार्थियों, युवाओं और आईटी पेशेवरों के लिए यह उपयोगी पुस्तक साबित हो सकती है। पुस्तक में प्रस्तुत तथ्यों की विश्वसनीय को पुख्ता करने के लिए लेखक ने अनेक वेबसाइटों का जिक्र और लिंक भी दिया है। सबसे खास बात यह है कि सायबर सुरक्षा पर लिखे आज तक के सभी किताबों में “हैकिंग डाइमेंशन” सबसे युवा लेखक द्वारा लिखी गयी किताब है।

द बुक लाइन प्रकाशन से प्रकाशित हुए इस पुस्तक का लोकार्पण 27 दिसम्बर 2018 को नई दिल्ली में किया गया। सायबर जगत के रहस्यों में रूचि लेने वाले पाठक इसे प्रकाशक की वेबसाइट के साथ-साथ अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स  से आर्डर करके अपने पते पर मंगवा सकते हैं।