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रांची : हिंद वॉच मीडिया ने झारखण्ड में अपने प्रसार की प्रक्रिया के पहले चरण में झारखण्ड के निवासियों को समर्पित देश का पहला वैकल्पिक मीडिया ऐन्थम “जोहार झारखण्ड” को शनिवार (19 मई 2018) को रांची स्थित हिंद वॉच मीडिया के राज्य मुख्यालय से जारी कर दिया। लोकार्पण समारोह में प्रधान संपादक सुशील स्वतंत्र ने झारखण्ड टीम के अहम सहयोगियों की मौजूदगी में ऐन्थम को बटन दबाकर लोकार्पित किया। इस अवसर पर हिंद वॉच मीडिया झारखण्ड के संपादक कुमार कौशलेन्द्र, राणा प्रताप सहित हिंद वॉच दिल्ली से आए अन्य सहयोगी मौजूद थे। लोकार्पण समारोह में बोलते हुए प्रधान संपादक सुशील स्वतंत्र ने कहा कि “हमारे लिए सिर्फ यह गौरव की बात है कि आज हम “जोहार झारखण्ड” ऐन्थम के लोकार्पण के गवाह बने हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा की भारतीय मीडिया से हटकर किसी वैकल्पिक मीडिया समूह द्वारा निर्मित यह देश का पहला वैकल्पिक मीडिया ऐन्थम है।” इस अवसर पर बोलते हुए झारखण्ड हिंद वॉच के संपादक कुमार कौशलेन्द्र ने कहा कि “जोहार झारखण्ड ऐन्थम बहुत ही असरदार ढंग से झारखण्ड के समाज और संस्कृति को प्रतिबिम्बित करता है। इसमें यहाँ की मिट्टी की सौंधी सी खुशबू भी है और जनमानस के सुलगते मुद्दे भी। मुहे पूरा विश्वास है कि झारखण्ड के लोग “जोहार झारखण्ड” ऐन्थम को सहजता से खुद से जुड़ा हुआ पाएँगें।”

झारखण्ड टीम के अहम सहयोगियों की मौजूदगी में “जोहार झारखण्ड ऐन्थम” का बटन दबाकर लोकार्पण करते हिंद वॉच मीडिया के प्रधान संपादक सुशील स्वतंत्र

“नई इबारत लिखने को हो जाओ तैयार, जमीनी ख़बरें लेकर आया हिंद वॉच” बोल के साथ शुरू होने वाले 4 मिनट 17 सेकेण्ड के इस ऐन्थम को दुसरे शब्दों में “झारखण्ड गान” भी कहा जा सकता है। इसमें राज्य के प्रतीक स्थलों जैसे विधानसभा भवन, राजभवन, झारखण्ड पुलिस मुख्यालय, झारखण्ड उच्च न्यायालय, प्रोजेक्ट बिल्डिंग, रांची जंक्सन, बिरसा मंडप सहित झारखण्ड के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे हुन्डरु फॉल, पतरातू घाटी, कोयला खदान को एक चलचित्र के माध्यम से दर्शाया गया है। आदिवासी, मजदूर, किसान, छात्र, नौजवान, महिला और ग्रामीण जनजीवन से जुड़े मुद्दों को भी बहुत संजीदगी के साथ इस ऐन्थम में दर्शाया गया है। जनसरोकार से जुड़े मार्मिक विषयों जैसे भुखमरी, मॉब लिंचिंग, बेरोजगारी, धार्मिक उन्माद, आदिवासी और स्त्री अधिकार की चर्चा करते हुए ऐन्थम आगे बढ़ता है।

इस ऐन्थम में झारखण्ड के पारंपरिक परिधान में मांदर की थाप पर थिरकती युवतियां हैं, तो वहीं दूसरी तरफ राज्य के अनेक धर्मस्थलों और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी एक सूत्र में पिरोकर किसी चलचित्र की तरह नज़रों के सामने से गुजरते हुए देखा जा सकता है। इस ऐन्थम में झारखण्ड के आम जन को हिंद वॉच मीडिया के लिए रिपोर्टिंग करते हुए दिखाया गया है। दरअसल हिंद वॉच द्वारा की जा रही जनपक्षधरता और जनसरोकारों की पत्रकारिता की विशेषता ही यही है कि यहाँ ग्रास रूट रिपोर्टर्स (जमीनी संवाददाताओं) के माध्यम से बेबाक और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की जाती है।

हिंद वॉच मीडिया ने इस ऐन्थम को अपने वेब चैनल पर अपलोड किया है, जिसे निम्न लिंक पर क्लिक करके देखा जा सकता है :