ये हैं डिहाइड्रेशन से निपटने के 8 तरीके

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dehydd-19-12-2016-1482145209_storyimageआमतौर पर डिहाइड्रेशन को पानी की कमी से जोड़ देखा जाता है, लेकिन डॉक्टरी भाषा में यह एक जानलेवा स्थिति है। शरीर को अपना सारा काम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की जरूरत होती है। पानी की कमी से गंभीर परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। जब शरीर में पानी की कमी होती है तो यह स्थिति निर्जलीकरण या डिहाइड्रेशन कहलाती है। सर्दियों में यह समस्या बढ़ जाती है क्योंकि लोग कम पानी पीने लगते हैं। शरीर की हर कोशिका ठीक ढंग से काम करे, इसके लिए उसे ऑक्सीजन के साथ-साथ पानी की भी आवश्यकता होती है। शरीर में पानी की कमी केवल मुंह का सूखना नहीं होता है। यह तो सिर्फ डिहाइड्रेशन का शुरुआती संकेत भर है। डिहाइड्रेशन की समस्या को गंभीरता से न लेने पर इसके घातक परिणाम हो सकते हैं।

डिहाइड्रेशन के लक्षण

अगर आपके शरीर में 5 प्रतिशत तक पानी की कमी है तो आपका गला सूख सकता है, 9 से 10 प्रतिशत तक की पानी की कमी को उचित देखभाल से ठीक किया जा सकता है। पर अगर पानी की कमी 20 प्रतिशत या इससे ज्यादा है तो इससे मृत्यु भी हो सकती है। डिहाइड्रेशन होने पर जी मिचलाना, उल्टियां होना, जीभ सूखना, सांस सही से न ले पाना, चिड़चिड़ापन आदि समस्याएं भी होने लगती हैं। मुंह सूखा लगे, होंठों पर पपड़ी जम जाए, थकान हो, पेशाब कम लगे, चक्कर आए तो इन्हें डिहाइड्रेशन के प्रारंभिक लक्षण समझकर, पेय पदार्थ अधिक मात्रा में लेना शुरू कर देना चाहिए।

मुंह का सूखना

कई बार दवाएं खाने से भी मुंह सूखता है। पर ,अगर लगातार मुंह सूख रहा है तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत भी हो सकता है। अगर आपका मुंह सूख रहा हो तो पशोपेश में पड़ने की जगह अपने पास पानी की एक बोतल रखें और नियमित अंतराल पर पानी पीना शुरू कर दें।

सांसों की बदबू

पानी की कमी होने पर मुंह में बैक्टीरिया बनते रहते हैं और सांसों में बदबू की शिकायत होती है। अगर शरीर में पानी की कमी होगी, तो शरीर सही मात्रा में थूक नहीं बना पाएगा और मुंह से बदबू आने लगेगी।

ज्यादा भूख लगना

शरीर में पानी की कमी होने पर दिमाग अमूमन भूख और प्यास के बीच भेद नहीं कर पाता है। अगर खाना खाने के बाद भी भूख लगे तो इस समय कुछ खाने की जगह थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिएं। आपको भूख नहीं लगेगी।

एसिडिटी की समस्या

ठीक मात्रा में पानी पीने से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है और कब्ज नहीं होता। पानी पीने से एसिडिटी की समस्या भी खत्म हो जाती है। तो अगर आपको एसिडिटी हो रही है, खाना नहीं पच रहा है या कब्ज की शिकायत है, तो इसका मतलब यह भी हो सकता है कि आपके शरीर में पानी की कमी है।

बेवजह सिर में दर्द होना

सिर दुख रहा है और वजह समझ नहीं आ रही है? वजह है शरीर में पानी की कमी। तो अगली बार इस तरह का सिरदर्द हो, तो ढेर सारा पानी पीजिए। 10 मिनट इंतजार कीजिए और फिर कुछ खा लीजिए। सिरदर्द बिलकुल गायब हो जाएगा। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी होने से थकान भी महसूस होती है और अकसर सोने का मन करता है। इसके अलावा डिहाइड्रेशन होने पर आपके पेशाब का रंग भी बदल सकता है। अगर पेशाब का रंग गहरा पीला हो गया है तो आपको बहुत ज्यादा पानी पीने की जरूरत है। दिन में कम-से-कम दो बार अपने पेशाब का रंग जरूर गौर से देखें।

समस्या की शुरुआत

मुंह का सूखना या चिपचिपाहट और तेज प्यास लगना डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं, लेकिन डिाहाइड्रेशन का लक्षण सिर्फ यही नहीं होता। लगातार रहने वाली डिहाइड्रेशन की स्थिति में गैस की परेशानी, सीने में जलन, आर्थ्राइटिस, सिर दर्द, वजन से जुड़ी परेशानी और यहां तक कि समय से पहले बढ़ती उम्र की निशानियां भी नजर आने लग सकती हैं।

डिहाइड्रेशन को धीरे-धीरे दूर करने की जरूरत होती है। अपने शरीर पर एकदम से अतिरिक्त बोझ न डालें। हर एक घंटे में एक गिलास पानी पीने से शरीर में पानी की मात्रा संतुलित रहेगी और उस पर ज्यादा बोझ भी नहीं पड़ेगा। सबसे बेहतर उपाय है कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, इससे कैलोरी बढ़ने का खतरा भी नहीं रहता है। धीरे-धीरे पानी की मात्रा बढ़ाने की कोशिश करें। अचानक बहुत ज्यादा पानी पीना खतरनाक हो सकता है।

क्या करें जब हो डिहाइड्रेशन

  1. हर दिन 8 से 10 गिलास पानी पीने का सुझाव दिया जाता है, लेकिन याद रखें हर एक व्यक्ति की तरल पदार्थों की आवश्यकता दूसरे व्यक्ति से अलग होती है।
  2. अगर आपको डिहाइड्रेशन की समस्या हो रही हो तो तुरंत पानी में थोड़ा-सा नमक और चीनी मिलाकर पिएं।
  3. कच्चे दूध की लस्सी बनाकर पीने से भी डिहाइड्रेशन में लाभ होता है। छाछ में नमक डालकर पीने से भी आपको इस समस्या से राहत मिलेगी।
  4. डिहाइड्रेशन होने पर नारियल का पानी पिएं।
  5. मसालेदार भोजन से बचें। यह आंतरिक और बाहरी तापमान के बीच के अंतर को कम कर शरीर को ठंडक पहुंचाता है।
  6. कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स और चॉकलेट आदि से दूर रहें।
  7. अपनी डाइट में पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थों जैसे केला, अन्ननास, शकरकंद, नारियल पानी आदि शामिल करें।
  8. सिगरेट और शराब से दूर रहें। सिगरेट का धुआं और शराब गले की परत को सुखाता है और कोशिकाओं से पानी सोखता है।





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