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प्राइवेट व इंग्लिश मीडियम स्कूलों में स्कूल संचालकों द्वारा मनमाने तरीके से छात्र-छात्राओं के फीस, डेªस व किताबें आदि के नाम पर मोटी वसूली किये जाने को लेकर आज नगर पालिका परिषद के कई सभासदों द्वारा तहसीलदार सदर को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि स्कूल संचालक उ.प्र. स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क का निर्धारण अध्यादेश 2018 पर अमल नहीं कर रहे हैं तथा शहर में विभिन्न स्कूलों में 20 हजार से अधिक की राशि छात्रों के अभिभावकों से वसूल की जा रही है।

लिहाजा स्कूल संचालकों को निर्देशित किया जाये कि वह 20 हजार से अधिक कोई भी स्कूल राशि न वसूले।

उक्त अध्यादेश सीबीएसई, आई.सी.एस.ई. व यूपी बोर्ड सहित सभी बोर्डों के स्कूलों पर नियम लागू होगा।

छात्रों से शैक्षणिक भ्रमण (टूर) आदि शुल्कों की अनिवार्यता खत्म हो। 5 वर्षों तक स्कूल में यूनीफार्म नहीं बदली जाये। सरकारी मान्यता प्राप्त किताबों को ही स्कूलों में लगाया जाये।

प्राइवेट प्रकाशकों की पुस्तकों को न लगाकर अभिभावकों को बोझ से बचाया जाये तथा किसी भी खास दुकान से पुस्तकें व युनिफार्म खरीदने हेतु अभिभावकों व छात्रों को बाध्य न किया जाये।

ज्ञापन देने व मांग करने वालों में सभासद संजय सक्सैना, विशाल दीक्षित, जाकिर अहमद, सुरेश चैधरी, नारायनलाल व प्रदीप शर्मा आदि शामिल थे।





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