(फाइल फोटो)
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नई दिल्ली (नेशनल डेस्क)। 
जेएनयू में कथित राष्ट्र विरोधी नारे लगाए जाने वाले बहुचर्चित मामले में दिल्ली पुलिस की अब तक इसी बात पर खिल्ली उडाई जा रही थी कि अगर असल में जेएनयू में किसी तरह के देश विरोधी नारों के लगाए जाने के सबूत दिल्ली पुलिस के पास है तो वह कोर्ट में चार्जशीट यानी आरोप पत्र दाखिल क्यूँ नहीं कर रही है?

पटियाला हाउस कोर्ट में आज दिल्ली पुलिस ने आखिरकार सेक्शन-124 A, 323, 465, 471, 143, 149, 147, 120B के तहत 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। तत्कालीन जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया के साथ-साथ उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के अलावा कुल 10 छात्रों को दिल्ली पुलिस में दाखिल की गई चार्जशीट में मुख्य आरोपी बनाया है। चार्जशीट में मुख्य आरोपियों के साथ, सात कश्मीर छात्र और 36 अन्य लोगों के नाम को शामिल किया गया है।

(1200 पन्नों की चार्जशीट एवं केस से जुड़े सबूतों को एक संदूक में कोर्ट में दाखिल करने के लिए ले जाते हुए दिल्ली पुलिस के अधिकारी) (तस्वीर : ANI)

मीडिया से बात करते हुए तत्कालीन जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा है कि “मैं दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल आरोप पत्र का स्वागत करता हूँ। अब कम से कम कोर्ट में हमें अपनी बात रखने का मौका तो मिलेगा।” गौरतलब है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कन्हैया कुमार को बिहार के बेगुसराय से लोकसभा का उम्मीदवार बनाने की घोषणा किया है और पुलिस द्वारा तीन साल के लम्बे इंतज़ार के बाद दाखिल किये गए इस चार्जशीट को कन्हैया के समर्थक सरकार द्वारा उनके ऊपर बनाए जा रहे अनुचित दबाव की तरह भी देख रहे हैं।

चार्जशीट के मुताबिक कन्हैया कुमार ने भी देश विरोधी नारे लगाए थे। गवाहों के हवाले से चार्जशीट में बताया गया है कि कन्हैया कुमार ने भी देश विरोधी नारे लगाए थे। पुलिस को कन्हैया कुमार का भाषण देते हुए एक वीडियो भी मिला है। इसके साथ ही कहा गया है कि कन्हैया को पूरे कार्यक्रम की पहले से जानकारी थी। चार्जशीट में जिन सात कश्मीरी छात्रों के नाम हैं, उनसे पूछताछ हो चुकी है।

कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य और 7 कश्मीरी छात्रों के नाम कॉलम नंबर 11 में रखे गए हैं। कॉलम नंबर 11 का मतलब ये होता है कि इन आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं और इन पर केस चलाया जा सकता है। बाकी 36 लोगों के नाम कॉलम नंबर 12 में रखा गया है जिनमें डी राजा की बेटी अपराजिता और शहला राशिद भी शामिल हैं। कॉलम नंबर 12 का मतलब ये हैं कि ये आरोपी तो हैं लेकिन जांच में पुलिस को इनके खिलाफ सबूत नहीं मिले। कोर्ट चाहे तो इन्हें समन कर सकता है। देशद्रोह,दंगा भड़काना, अवैध तरीके से इकठ्ठा होना और साज़िश के आरोप में पेश होगी चार्जशीट ।कुल 46 आरोपी हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में सबूत के तौर पर  घटना के वक़्त के कई वीडियो फुटेज, जो सीबीआई की सीएफएसएल (CFSL) में जांच के लिए भेजे गए थे और जिसके नमूने  पॉजिटिव पाए गए थे, इसके अलावा मौके पर मौजूद कई लोगों के बयान, मोबाइल फुटेज, फेसबुक पोस्ट, बैनर पोस्टर शामिल हैं। वहीं जेएनयू प्रशासन, एबीवीपी के छात्र, सिक्योरिटी गार्ड, औऱ कुछ अन्य छात्र को भी इसमें गवाह बनाया गया है।  इस मामले करीब 30 और लोग संदिग्ध पाए गए थे। लेकिन उनके खिलाफ सबूत नहीं मिले थे।

तय आरोपों के अनुसार कन्हैया को पूरे कार्यक्रम की जानकारी पहले से थी। सात कश्मीरी छात्रों जिनके नाम चार्जशीट में हैं। उनसे भी पूछताछ की जा चुकी हैं, पर इन्हें बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट किया गया है। कुल 1200 पेज की चार्जशीट है। इस ममाले में 90 गवाह बनाए गए हैं।

आरोपी सभी कश्मीरी छात्र जामिया अलीगढ़ और जेएनयू के छात्र हैं। सबूत के तौर पर करीब 10 वीडियो क्लिप अहम सबूत हैं, जिनकी जांच CBI की CFSL में हुई थी। दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में गवाहों के बयानों के आधार पर यह बताया है कि कन्हैया ने देश विरोधी नारे लगाए लगाए थे। जो वीडियो मिले हैं उनसे ये पता चलता है कि कन्हैया वहां थे। जो वीडियो भाषण वाला है उसमें क्या है? ये साफ नहीं किया।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक 10 मुख्य आरोपी निम्नलिखित हैं :
1. कन्हैया कुमार
2. उमर खालिद
3. अनिर्बान भट्टाचार्य

इनके अलावा सात निम्नलिखित कश्मीरी छात्रों एवं अन्य के नाम भी आरोप पत्र में कॉलम नम्बर 11 में शामिल किया गया है :
1.  मुजीर (जेएनयू छात्र)
2. मुनीर (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी)
3. उमर गुल (जामिया यूनिवर्सिटी)
4. बसारत (जामिया)
5. रईस रसूल (स्टूडेंट नहीं है)
6. अकीब (डेंटल डाक्टर हैं)
7. खालिद भट्ट (जेएनयू छात्र)

वामपंथी छात्र नेत्री सहला रशीद और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डी। राजा की बेटी और जेएनयू छात्रा अपराजिता राजा और रामा नागा सहित 36 अन्य के नाम दिल्ली पुलिस ने आरोप पत्र के कॉलम 12 में रखा है।