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तीन तलाक का मसला काफी समय तक चलता रहा और सालों से सुस्त पड़े इस मसले पर जब अदालत ने दखल दिया तब जाकर कोई हल निकाला।

अब खबर है कि सुप्रीम कोर्ट निकाह हलाला और बहुविवाह असंवैधानिक है या नहीं? इस बाबत संवैधानिक बेंच के जरिये सुनवाई करवा सकता है।
दरअसल कहा जा रहा है कि तीन तलाक पर ऐतिहासिक फैसले के बाद अब हलाला और बहुविवाह पर होगी सुप्रीम सुनवाई।

आपको बता दें कि निकाह हलाला और बहुविवाह असंवैधानिक है या नहीं, इस बात की समीक्षा सुप्रीम कोर्ट करेगा। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की अगुआई वाली बेंच ने मामले को संवैधानिक बेंच को रेफर करने का फैसला किया है।

साथ ही निकाह हलाला, बहुविवाह को असंवैधानिक घोषित करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरियत) ऐप्लिकेशन ऐक्ट 1937 की धारा-2 को असंवैधानिक घोषित किया जाए क्योंकि इसके तहत बहुविवाह और निकाह हलाला को मान्यता दी जाती है।

राजधानी दिल्ली में जसोला विहार की रहने वाली समीना बेगम की ओर से भी अर्जी दाखिल कर निकाह हलाला और बहु विवाह को चुनौती दी गई है। इनकी ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया है कि मुस्लिम पर्नसल लॉ ऐप्लिकेशन ऐक्ट 1937 की धारा-2 निकाह हलाला और बहुविवाह को मान्यता देता है और यह संविधान के अनुच्छेद-14,15 और 21 का उल्लंघन करता है लिहाजा इसे असंवैधानिक और गैरकानूनी घोषित किया जाए।

याचिका में कहा गया कि वह खुद विक्टिम हैं। समीना के पति ने शादी के बाद उन्हें प्रताड़ित किया और दो बच्चे होने के बाद लेटर के जरिए तलाक दे दिया। उन्होंने फिर दूसरी शादी की लेकिन दूसरे पति ने भी तलाक दे दिया।

ऐसे में जब सुप्रीम कोर्ट पिछले साल 22 अगस्त को एक बार में तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित कर चुका है। तो यह मसला भी जरूर किसी अंजाम तक पहुंचेगा इस की आशा हो जाती है।

दिक्कत तो उन पतियों को हो सकती है जो बहुविवाह कर चुके हैं या फिर हलाला की प्रक्रिया में शामिल हैं।