फ़ाइल फोटो
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चेन्नई
डीएमके पूर्व अध्यक्ष एम करुणानिधि के निधन के बाद उत्तराधिकार को लेकर जंग तेज हो गई है। इस लड़ाई के बीच करूणानिधि के छोटे बेट एमके स्टालिन ने रविवार को डीएमके के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा है। इसके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता दुरूई मुरूगन ने कोषाध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा है। डीएमके के 65 जिला सचिवों ने अध्यक्ष पद के लिए स्टालिन के नाम का समर्थन किया है। मंगलवार को चुनाव के बाद पार्टी के नए अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के नामों की घोषणा होगी।

आधिकारिक तौर पार्टी के नए अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के नामों की घोषणा मंगलवार को पार्टी बैठक में होगी। तमिलनाडु की राजनीति के सबसे करिश्माई नेता कहे जाने वाले एम करूणानिधि का 7 अगस्त को चेन्नई में निधन हो गया था। वह पांच बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे। उनके परिवार में दो पत्नियां और छह बच्चे हैं। वर्तमान में डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष का पद स्टालिन के पास है। जबकि उनकी बेटी कनिमोझी राज्यसभा सांसद है।

करूणानिधि ने अपने रहते ही स्टालिन को डीएम का कार्यकारी अध्यक्ष और अपना राजनीतिक वारिस घोषित कर दिया था। वहीं यूपीए सरकार में मंत्री बने अलागिरी को पार्टी से 2014 में बर्खास्त कर दिया गया था। अलागिरी ने करूणानिधि के निधन के बाद उत्तराधिकार को लेकर स्टालिन के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। पार्टी से बर्खास्त होने से पहले अलागिरी का स्टालिन से सत्ता संघर्ष चालू था।