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कई दिनों तक चले सियासी ड्रामे में भाजपा को हराकर सत्ता में आई कांग्रेस और जेडीएस के लिए आज का दिन खुशियों भरा रहा, क्योंकि आज एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व में कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन की सरकार बन गई है। कर्नाटक राज्य भी कांग्रेस के हाथ से लगभग निकल गया था लेकिन एन नौके पर सुप्रीम कोर्ट ने मामला पलट दिया।

बता दें कि जेडीएस के कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री के रूप में और जी परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने कर्नाटक विधासभा भवन में शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी पार्टियों के लगभग सभी दिग्गज नेता जुटे।

गौरतलब है कि कुमारस्वामी का शपथ ग्रहण समारोह कई मायनों में विपक्षी पार्टियों का मेगा शो साबित हुआ। लगभग विपक्षी पार्टियों के सभी दिग्गज नेता इस समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे।

इनमें यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा, एसपी के अखिलेश यादव, बीएसपी प्रमुख मायावती, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जेडीयू के पूर्व नेता शरद यादव, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू और आरएलडी प्रमुख अजित सिंह समेत कई नेता पहुंचे थे।

इसके दूसरी तरफ खबर यह है कि कर्नाटक की सत्ता संघर्ष के बीच बीजेपी ने कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह का बायकॉट का फैसला किया है। येदियुरप्पा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सत्ता की भूख और लालच के आधार पर बनाई गई कांग्रेस-जेडीएस की सरकार 3 महीने से ज्यादा नहीं चलेगी।

विदित हो कि कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी बीजेपी की तरफ से 17 मई को बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन 19 मई को सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद फ्लोर टेस्ट से पहले ही उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

इसके बाद कांग्रेस और जेडीएस को सरकार बनाने का मौका मिला। कांग्रेस ने बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए ज्यादा विधायक होने के बाद भी जेडीएस के कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने का मौका दिया।

अब देखना होगा कि भाजपा बतौर विपक्ष कौन सी चाल चलती है।