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रांची, झारखंड
चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में सजा काट रहे आरजेडी सुप्रीमो व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने गुरुवार को रांची की सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बता दें कि लालू 10 मई को अपने बेटे तेजप्रताप यादव की शादी के लिए बाहर आए थे, जिसके बाद अब करीब 110 दिन बाद वह जेल लौटेंगे। जिसके बाद लालू को कोर्ट से जेल ले जाया गया। इसके बाद उन्हें रिम्स अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है।

सीबीआई कोर्ट ने लालू को हिरासत में लेकर बिरसा मुंडा जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया। इस दौरान लालू के वकीलों ने कोर्ट से उन्हें रिम्स अस्पताल में भर्ती कराने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने जेल प्रशासन को लालू के स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने के निर्देश देते हुए उन्हें जेल भेजने का निर्णय बरकरार रखा। माना जा रहा है कि जेल प्रशासन आने वाले समय में लालू प्रसाद की मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर उन्हें अस्पताल में शिफ्ट करने पर फैसला ले सकता है, लेकिन फिलहाल लालू को कुछ वक्त जेल में ही रहना पड़ेगा।

झारखंड हाई कोर्ट ने लालू यादव की जमानत अवधि को बढ़ाने से इनकार करते हुए उनकी अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्हें 30 अगस्त को कोर्ट में सरेंडर करने के निर्देश दिए गए थे। लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में ठहरे लालू ने झारखंड विकास मोर्चा के चीफ बाबूलाल मरांडी समेत कई सियासी लोगों से मुलाकात की थी। लालू की मरांडी से काफी देर बातचीत हुई।

इससे पूर्व झारखंड हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की चारा घोटाले के देवघर कोषागार समेत सभी तीन मामलों में स्वास्थ्य कारणों से दी गई अंतरिम बेल की अवधि को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था और उन्हें विशेष अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि जरूरत होने पर अब लालू का रांची के रिम्स अस्पताल में ही इलाज होगा।

मामले की सुनवाई के दौरान लालू यादव की ओर से कोर्ट में पेश हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने इलाज के लिए लालू यादव की अंतरिम जमानत तीन महीने और बढ़ाने का अनुरोध किया था। अभिषेक मनु सिंघवी की दलील का सीबीआई के अधिवक्ता राजीव सिन्हा ने विरोध किया था जिसके बाद न्यायालय ने लालू की अंतरिम जमानत की अवधि आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था।

इससे पहले लालू यादव को 20 अगस्त की सुनवाई में 27 अगस्त तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी गई थी। लालू के वकीलों ने अदालत से अनुरोध किया था कि अंतरिम जमानत की इस अवधि को कम से कम 30 अगस्त तक बढ़ा दिया जाए जिससे अभियुक्त का सीबीआई अदालत में आत्मसमर्पण कराया जा सके। कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए उनकी जमानत की अवधि 30 अगस्त तक इस शर्त के साथ बढ़ा दी कि हर हाल में वह 30 अगस्त तक सीबीआई की रांची के विशेष अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर देंगे। इसी आदेश के मद्देनजर लालू यादव बुधवार को पटना से रांची पहुंचे थे।