फाइल फोटो
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रांची, झारखंड
चारा घोटाला के विभिन्न मामलों में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका दिया है। उनकी औपबंधिक जमानत याचिका को खारिज कर दिया और साथ ही 30 अगस्त को सरेंडर करने आदेश दिया है। गौरतलब है कि इलाज के लिए लालू फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। अब जेल मेन्यूअल के हिसाब से आगे का उनका इलाज होगा। मेडिकल ग्राउंड पर फिलहाल आरजेडी सुप्रीमो को 27 अगस्त तक का प्रोविजनल बेल मिली हुई है।

सुनवाई जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की कोर्ट में हो रही थी। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने लालू यादव की ओर से पक्ष रखा और जमानत अवधि को बढ़ाने का आग्रह किया लेकिन कोर्ट ने इसे ठुकरा दिया। इससे पहले 17 अगस्त को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद की जमानत की अवधि को 27 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया था। सुनवाई के दौरान आरजेडी सुप्रीमो के अधिवक्ता ने कोर्ट को जानकारी दी कि वे पूर्णतया स्वस्थ नहीं हुए हैं, इसलिए उनकी जमानत की अवधि को 3 माह के लिए बढ़ा दिया जाए। लेकिन कोर्ट ने 20 से 27 अगस्त के बीच मात्र सात दिन के लिए अवधि बढ़ाई।

मेडिकल ग्राउंड पर मिली थी जमानत

पिछली बार उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर औपबंधिक जमानत मिली थी। लालू यादव का जून में एक ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद डॉक्टर ने उन्हें लगभग तीन महीने आराम करने की सलाह दी थी। लालू यादव को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, किडनी, हार्ट की समस्या सहित कई अन्य बीमारियां हैं। पहले भी उनका इलाज रांची के एम्स में किया गया है।

लालू यादव ने बेहतर इलाज के लिए जमानत याचिका दायर की थी, जिसके बाद से वह लगातार प्रोविजनल जमानत पर हैं। लालू यादव को चारा घोटाला के कई मामलों में सजा हुई थी, जिसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा था। जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची स्थित रिम्स में भर्ती कराया गया था। उसके बाद उन्हें दिल्ली एम्स भी ले जाया गया था।