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अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव। (फोटो-फेसबुक)

एक तरफ मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक जंग छिड़ी हुई है| इस बीच एक ही घर में रह रहे इस परिवार में ऐसा लग रहा है मानो अलग अलग खेमे में बंट गए हैं| लेकिन इस तनाव के बीच शांति और सुलह बहाली के मिशन पर परिवार के दो सदस्य जुटे हुए हैं वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी 15 साल की अदिति और 10 साल की टीना|

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक सियासी खींचतान के बीच कुछ दिनों पहले सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अपनी 10 वर्षीय पोती टीना को चिढ़ाते हुए कहा कि “तुम्हारा बाप बहुत जिद्दी है।” यह सुनते ही थोड़ी ही देर में टीना ने जाकर अपने पिता मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को हु-ब-हू संवाद सुना दिया। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने मुस्कुराते हुए कहा “हां, वो तो है।” अखिलेश और डिंपल यादव की बेटियां सियासी खींचतान की परवाह किए बिना अक्सर अपने दादा मुलायम सिंह से मिलने पहुंच जाती है।

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी में जारी पिता-पुत्र की खींचतान के बीच मुलायम सिंह यादव ने 9जनवरी की रात कहा कि “यूपी विधानसभा चुनाव के बाद अखिलेश ही सूबे के अगले मुख्यमंत्री होंगे| साथ ही उन्होंने दावा किया कि पार्टी टूटने का सवाल ही नहीं है|” 

मुलायम ने आगे कहा कि “यूपी में जल्द ही वह पार्टी के लिए चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे|” सूत्रों की मानें तो आज अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के बीच मुलाक़ात हो सकती है| इससे पहले मुलायम ने 9जनवरी को चुनाव आयोग से मुलाक़ात के बाद कहा था कि “उनका अखिलेश से कोई विवाद नहीं है|” उन्होंने रामगोपाल यादव का नाम लिए बगैर कहा था कि “एक शख्स की वजह से ही पूरा विवाद और उसी ने अखिलेश को बहका दिया है|”

समाजवादी पार्टी दोनों धड़ों में सुलह की भी कोशिशें होती रही हैं। एक तरफ मुलायम सिंह यादव के साथ छोटे भाई शिवपाल यादव और अमर सिंह हैं तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ दूसरे चाचा रामगोपाल यादव हैं। पार्टी का एक बड़ा तबका भी अखिलेश की ही तरफ है।