Print Friendly, PDF & Email

नई दिल्ली
शांति के क्षेत्र में दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कार के लिए इस साल डेनिस मुक्वेज और नादिया मुराद के नाम का ऐलान किया गया है। नार्वेजियन नोबेल कमेटी ने इन्हें युद्ध और सशस्त्र संघर्ष के रूप में यौन हिंसा के उपयोग को खत्म करने के संघर्ष के लिए 2018 के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना है।

मुकवेंगे डेमोक्रैटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में यौन हिंसा से पीड़ित महिलाओं का इलाज करते हैं। वहीं नादिया मुराद का संबंध इराक के अल्पसंख्यक यजीदी समुदाय से है। वह खुद इराक में इस्लामिक स्टेट की यौन गुलाम रही हैं और अब मानवाधिकारों के लिए उठने वाली सबसे सशक्त आवाजों में से एक हैं।

इस साल नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 216 व्यक्तिों और 115 संगठनों को नॉमिनेट किया गया था। इनमें से मुराद और मुकवेंगे को शांति के नोबेल के लिए चुना गया। 10 दिसंबर को ओस्लो में स्वीडिश उद्योगपति अल्फ्रेड नोबेल की बरसी पर मुराद और मुकवेंगे को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।