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नई दिल्ली
ज मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की 158वीं जयंती है। उन्हीं की याद में भारत में हर साल 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे(अभियंता दिवस) मनाया जाता है। इस मौके पर गूगल ने विश्वेश्वरैया का डूडल बनाया है। सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया आधुनिक भारत के सबसे बड़े इंजीनियार थे। साल 1860 में कर्नाटक के कोलार में जन्मे विश्वश्वरैया ने भारत के निर्माण में बहुमूल्य योगदान दिया है। इसे ही देखते हुए साल 1955 में उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से अलंकृत किया गया।

विश्वेश्वरैया शिक्षा की महत्ता को भलीभांति समझते थे। लोगों की गरीबी व कठिनाइयों का मुख्य कारण वह अशिक्षा को मानते थे। वह किसी भी कार्य को योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने में विश्वास करते थे। उन्होंने कई जरूरी कामों को करते हुए नदियों पर बांध, ब्रिज और पीने के पानी की स्कीम आदि को बनाया। कृष्ण राजा सागर बांध के बनाने में इनकी भूमिका अहम रही है।

विश्वेश्वरैया नें मैसूर में लड़कियों के लिए अलग से हॉस्टल और पहला फर्स्ट ग्रेड कॉलेज, महरानी कॉलेज खुलवाने का श्रेय जाता है। इसके अलावा एशिया के बेस्ट प्लान्ड लेआउट्स में जयानगर, जो कि बेंगलुरु में स्थित है, इसकी पूरी डिजाइन और बनाने का श्रेय सर एम. विश्वेश्वरैया को ही जाता है।