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रांची, झारखंड
भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के विरोध में 5 जुलाई को राज्यव्यापी झारखंड बंद को सफल बनाने के लिए सम्पूर्ण विपक्ष की बैठक लेक रोड के ज्योति पब्लिक स्कूल परिसर में हुई। अध्यक्षता झाविमो के केंद्रीय सचिव राजीव रंजन मिश्रा ने की। संचालन झाविमो नेता जितेन्द्र वर्मा ने किया। बैठक में सर्वसमति से तय किया गया कि 5 जुलाई के घोषित बंदी से पहले सभी विपक्षी दलों के प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता अल्बर्ट एक्का चौक पर बंद को सफल बनाने की अपील करेंगे। इसके अलावा जनता, व्यापारियों, चेंबर ऑफ कॉमर्स, वाहन मालिकों, बस-ट्रक ऑनर, ट्रांसपोर्टर, टेम्पो-रिक्शा यूनियन के लोगों से मिलकर पत्र देंगे और बंद का समर्थन मांगेंगे।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि तीन जुलाई को सभी प्रखंड मुख्यालयों सहति शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर नुक्कड़ सभा आयोजित कर लोगों से बंद में सहयोग की अपील की जायेगी। चार जुलाई की शाम में मशाल जुलूस निकाला जायेगा। बंदी के दिन पांच जुलाई को विपक्षी दलों के कार्यकर्ता अलग-अलग टोली में बंद कराने सड़कों पर उतरेंगे। सभी कार्यक्रमों को लेकर सभी दलों के प्रमुख पदाधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों में सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं से समन्वय बनाने की जिम्मेवारी सौंपी गयी है।

बैठक में झाविमो के केंद्रीय सचिव राजीव रंजन मिश्रा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की इस तुगलकी फरमान के खिलाफ 5 जुलाई की बंदी एतिहासिक होगी। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शमशेर आलम और महानगगर अध्यक्ष संजय पांडे ने कहा कि सरकार के निर्णय से पूरे राज्य हाहाकार मचा हुआ है। सरकार हिन्दू से मुसलमान को, सरना को ईसाई से लड़ाकर फुट डालो और शासन करो की राजनीति कर रही है।

बैठक में मुख्य रूप से झामुमो नेता अंतु तिर्की, हेमलाल मेहता, फैयाज साह, सीपीआई के अजय सिंह, मासस के सुशांतो मुखर्जी, सीपीआईएम के नदीम खान, झाविमो नेता सज्जाद अंसारी, सुचिता सिंह, शिवा कच्छप, भूपेंद्र सिंह, राम मनोज साहू, गीता नायक, दीपू गाड़ी, पंकज पांडेय, राजद जिलाध्यक्ष अब्दुल गफ्फार और कमलेश यादव के अलावा मेहुल रहमत अली, झारखंड कुरैश पंचायत के प्रदेश अध्यक्ष मुजीब कुरैसी, झारखंड छात्र परिषद के संयोजक आशीष कुमार, प्रियंका सिसोदिया समेत दर्जनों राजनीतिक-सामाजिक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता शामिल हुए।
पोस्टल कोड 834001