मनमानी कीमत पर धान का बीज खरीदने को मजबूर किसान

(तस्वीर : हिंद वॉच)
Print Friendly, PDF & Email

बुण्डू से ग्रास रूट रिपोर्टर किशन कुमार दत्ता की रिपोर्ट
बुण्डू, झारखंड
बीजग्राम से 2 हज़ार 80 क्विंटल धान का बीज पैक्सों को उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई। लेकिन आज तक 50 प्रतिशत अनुदान वाला यह बीज किसानों के पास नही पहुंच पाया है। बीज डालने का समय निकलता देख मजबूरी में किसान खुले बाजार से मनमानी कीमत पर धान का बीज खरीद कर धान का बिचड़ा लगा चुके हैं। सोनाहातू बुण्डू राहे, तमाड़ एवं सिल्ली क्षेत्रों के किसानों ने बताया कि समय पर अनुदानित बीज उपलब्ध कराने का सरकारी दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। धान के बीज बोने का समय निकलता देख किसान खुले बाजार से अप्रामाणिक बीज खरीदने को मजबूर हैं। हालांकि कृषि मंत्री द्वारा अभी भी समय पर अनुदानित बीज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन कारगर साबित नहीं हो रहा है।

किसानों की परेशानियों से बेखबर सूबे के कृषि मंत्री को नहीं लगता है कि धान का बीज डालने का समय निकल चुका है। प्रत्येक वर्ष खरीफ या रवी फसल के पहले किसानों को अनुदानित दर पर बीज उपलब्ध कराने के सपने दिखाए जाते रहे हैं। लेकिन हर बार किसानों को निराशा हाथ लगती रही है। इस बार भी वही हो रहा है। किसान कर्ज लेकर खुले बाजार से बीज खरीदने को मजबूर हैं। लेकिन सरकार खुद से अपना पीठ थपथपाने में मशगूल है। धान का बीज बाजार में 100 से 280 रुपए प्रति किलो तक प्राइवेट बीज विक्रेता बेच रहे हैं। किसान बताते हैं कि हाइब्रिड किस्म का बीज 280 रुपए प्रति किलो रुपए तक बेचा जा रहा है। कुछ किसान बीज के इंतजाम स्वयं अपने स्तर से करते हैं।

अधिकांश को बाजार से खरीदना पड़ता है। प्राइवेट बीज विक्रेता मनमाने दामों पर बीच बेच रहे हैं। किसानों ने धान की तैयारियां शुरू कर दी हैं। किसानों ने बताया दुकानदार पक्का बिल नहीं दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें बीज की जरूरत अभी है। कृषि विभाग में जून अंत में बीज उपलब्ध होगा तब तक अधिकांश बीज खरीद चुके होंगे। एक एकड़ में 10 किलो तक बीज किसानों को लगता है। हाइब्रिड किस्म के बीज पर प्रति एकड़ 2500 से 2800 रुपए बीज पर ही खर्च पड़ेंगे।
पोस्टल कोड 835204 835210 835227 835216





loading...