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पीरियड्स भारत में तो टैबू है ही साथ में इस से जुड़ी रिसर्च भी नई नई चिंताओं को पैदा कर देती हैं। जिनका उम्र से कनेक्शन निकालते हुए एक नई शोध कहती है कि अगर कम उम्र में पीरियड्स होते हैं तो इस से दिल का मर्ज हो सकता है।

दरअसल एक शोध में कहा गया है कि जिन महिलाओं में 12 साल की उम्र से पहले ही पीरियड्स शुरू हो जाते हैं उनमें दिल संबंधी बीमारी होना का खतरा ज्यादा होता है।

शोध के मुताबिक मजल्दी रजोनिवृत्ति और प्रेग्नेंसी संबंधी जटिलताएं भी दिल की बीमारी के खतरे को बढ़ाने का काम करती हैं।

इस ब्रिटिश रिसर्च में शामिल यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के शोधकर्ता सेन पीटर्स ने बताया कि शोध के दौरान जांच में यह पाया गया कि दिल संबंधी बीमारियों के मामले ज्यादातर उन्हीं महिलाओं में देखे गए जिनका मासिक धर्म समय से पहले शुरू हो गया था।

शोध में औसतन 56 साल की उम्र की तकरीबन 2,67,000 महिलाओं को शामिल किया गया था।

शोध में पाया गया कि जिन महिलाओं का मासिक धर्म 12 साल की उम्र से शुरू हो गया था उनमें उन महिलाओं के मुकाबले दिल की बीमारी का खतरा 10 प्रतिशत तक ज्यादा था जिनका मासिक धर्म 13 साल या उससे ज्यादा की उम्र से शुरू हुआ था।

‘हर्ट’ मैगजीन में प्रकाशित यह शोध वाकई चिंताजनक है लेकिन हर बात का समाधान भी है।

मासिकधर्म शुरू होने के अवस्था में अगर किशोरियों को किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ या स्वास्थय काउंसलर की सलाह मिल जाए, तो इससे जुड़े भ्रम और भ्रांतियों से निबटने में आसानी होती है| इसलिए यह जरूरी है कि इन विषयों पर खुलकर बात की जाए|