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देश की राजधानी में अपराध कम होने के बजाए बढ़ते जा रहे हैं, सरकार और पुलिस सिर्फ वादों के जाल बुनती रहती है और बलात्कार की बढ़ती घटनाओं अपर अंकुश नहीं लगा पाती। आखिर क्यों?

अब एक और गैंगरेप की खबर सामने आई है जो दिल दहला देने वाली लग रही है। दिल्ली की एक लड़की से चलती कार में गैंगरेप करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद आरोपी लड़की को द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन के पास फेंककर फरार हो गए। दरअसल गुड़गांव से दिल्ली आ रही लड़की ने कैब में बैठी थी।

इस दौरान कैब ड्राइवर और एक अन्य शख्स ने उसके साथ बलात्कार किया। चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात के वक्त कार द्वारा और साउथ-वेस्ट के इलाकों में घूमती रही लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। हालांकि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपिओं को चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया है।

मामले में द्वारा के डीसीपी शिबेस सिंह ने कहा, ‘आरोपियों में सुमित (24) दिल्ली-गुड़गांव बॉर्डर पर मलहरा गांव जबकि अन्य आरोपी बिदुर (23) नेपाल का रहने वाला है जो गुड़गांव के सेक्टर-5 के पास अमनपुरा में रहता है। दोनों दोस्त हैं और गुड़गांव की एक एमएनसी में कैब चलाते हैं।’

शुरुआती जानकारी के अनुसार, 20 साल की लड़की गुड़गांव के एक मॉल में सेल्सगर्ल हैं। बीती रात वह किसी कारण लेट हो गई और बाहर आने पर दिल्ली के लिए कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं मिला। इसी दौरान शंकर चौक पर टोयटा इनोवा कार आकर रुकी।

इसमें ड्राइवर सहित दो लोग पहले से ही सवार थे। इस दौरान लड़की ने कहा कि उसे साउथ-वेस्ट दिल्ली जाना है। इसपर आरोपियों ने कहा कि वो भी वहीं जा रहे हैं। इसके बाद ड्राइवर ने कुछ दूर चलकर गाड़ी यह कहकर रोक दी कि सवारी देखकर पुलिस रोकती है, इसी बहाने उसने अपने साथी को पिछली सीट पर बैठा दिया।

आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने कार को सही दिशा की जगह कापसहेड़ा के सुनसान इलाकों में घुमा लिया। लड़की के हाथ-पैर बांध दिए गए। जान से मारने की धमकी देकर दोनों ने बारी-बारी से रेप किया। घटना के बाद लड़की ने अपने परिजनों को इसकी सूचना दी। बाद में पुलिस को खबर दी गई। मेडिकल में रेप की पुष्टि हुई है।

यही हाल रहा तो दिल्ली में लड़कियों का बहार निकलना मुश्किल हो जाएगा।